त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल गया है. खबरों के मुताबिक यहां 60 में से 59 विधानसभा सीटों में भाजपा को अकेले 35, जबकि उसके सहयोगी दल आईपीएफटी को आठ सीटें मिली हैं. वहीं, राज्य में लगभग 25 साल से सत्ता पर बैठी सीपीएम को केवल 16 सीटें ही मिल पाई हैं. इस बार 59 सीटों पर मतदान हुआ था. एक सीट पर सीपीआई (एम) उम्मीदवार के निधन से चुनाव स्थगित हो गया था. 2013 के विधानसभा चुनाव में 10 सीट जीतने वाली कांग्रेस इस बार अपना खाता नहीं खोल पाई है.

हालांकि, नगालैंड में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. लेकिन भाजपा और एनडीपीपी गठबंधन को सबसे ज्यादा 29 सीटें मिली हैं. वहीं, नगा पीपुल्स फ्रंट को 26 सीटें मिली हैं, जबकि अन्य दो सीटें चुके हैं और एक पर बढ़त बनाए हुए हैं. कांग्रेस इस बार एक भी सीट नहीं जीत पाई है, जबकि पिछली विधानसभा में उसके आठ विधायक थे.

उधर, मेघालय में 15 साल से सरकार चला सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है. उसे कुल 21 सीटें मिली हैं. मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा दोनों विधानसभा सीटों से जीत गए हैं. वहीं, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के खाते में 19 सीटें आई हैं. यहां भाजपा को दो, जबकि अन्य को 17 सीटें मिली हैं. मेघालय 27 फरवरी को 60 में से 59 सीटों पर मतदान हुआ था. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी जनाथोन संगमा के निधन के चलते विलियमनगर सीट पर मतदान नहीं हो पाया था.