मेघालय में सत्ताधारी कांग्रेस की कोशिशें बताती हैं कि उसने बीते साल गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनावों से सबक लिया है. खबरों के मुताबिक मतगणना में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का रुझान आने के बाद ही कांग्रेस ने दो बड़े नेताओं अहमद पटेल और कमलनाथ को शिलांग रवाना कर दिया. सूत्रों के मुताबिक वे राज्य में सरकार बनाने की संभावनाओं पर विचार करेंगे. बीते साल कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत दर्ज की थी, लेकिन सरकार बनाने से चूक गई थी. तब बहुमत जुटाने में मुस्तैदी न दिखाने की वजह से उसे खासी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

कांग्रेस इस समय मेघालय सहित पांच राज्यों तक सिमट चुकी है. यही वजह है कि वजह वह मेघालय में सरकार बनाने का कोई भी मौका नहीं चूकना चाहती है. खबरों के मुताबिक उसने राज्य में निर्दलीय उम्मीदवारों से गठजोड़ करके सरकार बनाने का फैसला किया है.

मेघालय में कांग्रेस को 21 सीटें मिली हैं. मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा दोनों विधानसभा सीटों से जीत गए हैं. वहीं, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के खाते में 19 सीटें आई हैं. यहां भाजपा को दो, जबकि अन्य को 17 सीटें मिली हैं. मेघालय 27 फरवरी को 60 में से 59 सीटों पर मतदान हुआ था. इसमें 84 फीसदी वोट पड़े थे. विलियमनगर सीट पर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी जनाथोन संगमा के निधन के चलते मतदान नहीं हुआ था.