हिंद महासागर में स्थित 115 द्वीपों के देश सेशेल्स में भारत एक सैनिक अड्‌डा स्थापित करने वाला है. लेकिन भारत की इस पहल को लेकर विवाद पैदा हो गया है.

समाचार एजेंसी एएफपी के हवाले से डीएनए ने यह ख़बर दी है. इसके मुताबिक भारत ने सेशेल्स के साथ 20 साल का अनुबंध किया है. इस समझौते के तहत सेशेल्स में भारतीय सेनाओं के लिए एक हवाई पट्‌टी और जेटी (पानी के जहाजों के रुकने के लिए घाट) का निर्माण किया जा रहा है. ख़बर के मुताबिक हिंद महासागर में दुनिया के व्यस्ततम जहाज मार्ग के पास ही जिबूती में चीन का इसी तरह सैन्य अड्‌डा स्थापित किया गया है. इससे भारत में असुरक्षा का भाव गहराया है और जवाबी क़दम के तौर पर वह भी सेशेल्स में सैन्य अड्‌डा बना रहा है.

सेशेल्स के विदेश राज्य मंत्री बैरी फॉरे इसकी पुष्टि करते हैं. उनके मुताबिक, ‘भारत हमारी निशुल्क मदद कर रहा है. इसके ज़वाब में हम भी उसे कुछ सुविधाएं दे रहे हैं. लेकिन वे सभी सुविधाएं पूरी तरह सेशेल्स के नियंत्रण और उसके कानून के दायरे में रहेंगी. भारत को कुछ भी पट्‌टे पर नहीं दिया गया है. बल्कि भारत से सेशेल्स को उसके 13 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले आर्थिक क्षेत्र के विकास में मदद मिलेगी.’

हालांकि इस स्पष्टीकरण के बावज़ूद सेशेल्स में भारत का सैन्य अड्‌डा स्थापित किए जाने का विरोध हो रहा है. इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि वहां के स्थानीय लोग हर सप्ताह इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी प्रमुख चिंताएं दो तरह की हैं. पहला- भारत की सैन्य गतिविधियों से सेशेल्स के पर्यावरण को नुक़सान होगा. दूसरा- भारत की गतिविधियों के बहाने भारतीय कामगारों की उनके देश में आवक बढ़ जाएगी.