मनी-लॉन्डरिंग रोधी कानून के तहत गठित विशेष अदालत ने अरबपति ज्वैलर नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार यह वारंट पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में लगभग 12,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जारी हुआ है. हालांकि, ये दोनों कारोबारी अभी देश से बाहर हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के लिए गुरुवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अदालत को ईडी ने बताया था कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को तीन बार समन भेजा गया है, लेकिन वे पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए. ईडी के मुताबिक ये समन 15 फरवरी, 17 फरवरी और 23 फरवरी को भेजे गए थे. इस दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी नीरव मोदी भारत आने और जांच में सहयोग करने के लिए पत्र लिखा था. लेकिन नीरव मोदी ने विदेश में अपनी कारोबारी व्यस्तता बताकर भारत आने से इनकार कर दिया.

पंजाब नेशनल बैंक में यह घोटाला अधिकारियों की मिलीभगत से जारी फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (गारंटी-पत्र) के सहारे अंजाम दिया गया था. इसके सहारे नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों ने विदेश में भारतीय बैंकों की शाखाओं से निकासी की थी. जांच एजेंसियों ने इस मामले में कई बैंक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया है.