गोवा और मणिपुर की कहानी मेघालय में भी दोहराई जा रही है. यहां 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस ने सबसे ज़्यादा 21 सीटें जीतीं. लेकिन वह सरकार बनाने में सफल नहीं हो पा रही है. इसके उलट 19 सीटें जीतने वाली एनपीपी (नेशनल पीपुल्स पार्टी) ने भारतीय जनता पार्टी और अन्य के सहयोग से सरकार बनाने का दावा ठोक दिया है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक एनपीपी प्रमुख कॉनराड संगमा ने राज्यपाल गंगा प्रमाद से मिलकर 34 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. जबकि बहुमत के लिए 31 विधायक चाहिए. एनपीपी का साथ देने वालों में यूडीपी (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी)-6, पीडीएफ़ (पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट)-4, भाजपा और एचएसपीडीपी (हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) 2-2 तथाा एक निर्दलीय विधायक- सैमुअल संगमा शामिल हैं. इसके बाद ख़बर है कि कॉनराड छह मार्च को सुबह 10.30 पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. कॉनराड पूर्व लोकसभा अध्यक्ष दिवंगत पीए संगमा के छोटे पुत्र हैं.

इंडिया टुडे के अनुसार कॉनराड की सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री होने की संभावना नहीं है. राज्य में गैर-कांग्रेस सरकार गठन के लिए भाजपा की ओर से विशेष रूप से तैनात किए गए पार्टी के वरिष्ठ नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने इसकी पुष्टि भी की है. उन्होंने कहा, ‘अगली सरकार के मुखिया कॉनराड होंगे. उनके साथ कोई उपमुख्यमंत्री नहीं हाेगा.’ मेघालय विधानसभा का कार्यकाल सात मार्च को खत्म हो रहा है. ग़ौरतलब है कि इससे पहले गोवा और मणिपुर में भी पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. लेकिन दोनों राज्यों में भाजपा सरकार बनाने में सफल रही.