उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने वाला है. इस समय यह चुनाव क्षेत्र सपा और बसपा के एक साथ आने से जुड़ी ख़बरों को लेकर चर्चा में है. बताया जा रहा है कि इस उपचुनाव में बसपा प्रमुख मायावती ने अपनी धुरविरोधी समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का फ़ैसला किया है.

इस बीच फूलपुर से भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल के बारे में दावा किया जा रहा है कि उपचुनाव के प्रचार के दौरान उनका एक व्यक्ति ने जूतों की माला पहना कर ‘स्वागत’ किया. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, ‘अब समय आ गया है. पब्लिक से झूठे वादे करने वाले और देश के चोरों का यही हाल होगा. देश में बीजेपी के प्रति इतना ज़्यादा ग़ुस्सा देखा जा रहा है कि फूलपुर उपचुनाव के बीजेपी उम्मीदवार का आज चुनाव प्रचार के दौरान एक बुज़ुर्ग ने जूतों की माला से स्वागत किया.’

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पर क्या सच में ऐसा है? वीडियो से यह तो साफ़ है कि एक भाजपा प्रत्याशी को एक बुज़ुर्ग जूतों की माला पहना रहे हैं. लेकिन क्या वे फूलपुर से चुनाव लड़ रहे कौशलेंद्र सिंह पटेल ही हैं? इस दावे को लेकर हमने थोड़ा गूगल किया तो पता चला कि यह वीडियो चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी का ही है. लेकिन यह प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल नहीं बल्कि दिनेश शर्मा हैं.

मध्य प्रदेश के दिनेश शर्मा (बाएं) और उत्तर प्रदेश के कौशलेंद्र सिंह पटेल (दाएं)
मध्य प्रदेश के दिनेश शर्मा (बाएं) और उत्तर प्रदेश के कौशलेंद्र सिंह पटेल (दाएं)

बीती जनवरी में मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव हुए थे. वोटिंग से पहले सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हुई थीं. इसी के तहत धमनोड में भाजपा प्रत्याशी दिनेश शर्मा पैदल रैली कर रहे थे. चुनाव में नेताओं का आम लोगों के पैर छूना सामान्य बात है. दिनेश शर्मा भी ऐसा कर रहे थे. कुछ बुज़ुर्ग लोगों को देखकर वे उनकी तरफ़ गए और पैर छूकर वोट मांगने लगे. उसी समय एक बुज़ुर्ग अपने पास रखी जूतों की माला उठाकर दिनेश शर्मा को पहनाने लगे.

बुज़ुर्ग के इस व्यवहार ने आसपास के सभी लोगों सकते में डाल दिया. दिनेश शर्मा भी एक पल के लिए सकते में आ गए और एक क़दम पीछे हट गए. लेकिन उन्होंने व्यक्ति को जूते पहनाने से नहीं रोका और बड़े आराम से माला पहन ली. बाद में पता चला कि बुज़ुर्ग व्यक्ति इलाक़े में पानी की समस्या से परेशान थे. जब मीडिया उनके पास पहुंचा तो उन्होंने बताया कि वे कई बार प्रशासन से इस बारे में शिकायत कर चुके थे. उन्होंने यह भी बताया कि पानी की समस्या को लेकर इलाक़े की महिलाएं भी संबंधित अधिकारी के पास गई थीं, लेकिन उनकी सुनने के बजाय अधिकारी ने महिलाओं के ख़िलाफ़ ही शिकायत दर्ज करा दी. उनके मुताबिक़ पुलिस बार-बार महिलाओं को पुलिस स्टेशन बुलाती और उन्हें देर रात तक रुकने को कहा जाता.

खबरों के मुताबिक इन्हीं बातों से ग़ुस्साए बुज़ुर्ग ने भाजपा प्रत्याशी को जूतों की माला पहना दी थी. उधर, चुनाव को देखते हुए दिनेश शर्मा ने नरम प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इलाक़े के लोग किसी बात से नाराज़ थे इसलिए उन्होंने ऐसा व्यवहार किया. दिनेश शर्मा ने ख़ुद को स्थानीय लोगों के बच्चे जैसा बताया.

साफ़ है कि फूलपुर के भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल को जूतों की माला पहनाने का दावा झूठा है. यह चुनाव से पहले किसी प्रत्याशी की राजनीतिक छवि बिगाड़ने के मक़सद से किया गया काम लगता है जिसमें मध्य प्रदेश निकाय चुनाव में हुई घटना को उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से जोड़ दिया गया.