कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफ़आईओ) ने मंगलवार को चंदा कोचर और शिखा शर्मा को पूछताछ के लिए समन भेजा है. चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं. जबकि शिखा शर्मा एक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशक (एमडी) हैं.

ख़बरों के मुताबिक चंदा कोचर और शिखा शर्मा से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए घोटाले से जुड़े मामले में ही पूछताछ होनी है. सूत्रों के मुताबिक पीएनबी के साथ धोखाधड़ी करने वाले गीतांजलि समूह के प्रमुख मेहुल चौकसी के लिए 31 बैंकाें के समूह (कंसोर्टियम) ने क़रीब 5,280 करोड़ का कर्ज़ मंज़ूर किया था. इस कंसोर्टियम की अगुवाई आईसीआईसीआई कर रहा है. इसमें आईसीआईसीआई ने ही चौकसी की कंपनी को 405 करोड़ रुपए का कर्ज़ दिया है.

बताया जाता है कि इसी सिलसिले में चंदा कोचर और शिखा शर्मा से पूछताछ होनी है. हालांकि इनसे इस मामले में सिर्फ़ स्पष्टीकरण लिए जा रहे हैं. वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में इन्हें आरोपित नहीं बनाया गया है. बिजनेस टुडे के संपर्क करने पर एसएफ़आईओ के मुंबई दफ़्तर के प्रमुख ने दोनों बैंकरों को समन भेजे जाने की पुष्टि की है. इनके अलावा पीएनबी के एमडी और सीईओ सुनील मेहता को भी बुधवार को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है.

पीएनबी घोटाला मामले की जांच कर रही सीबीआई ने (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने चौकसी के गीतांजलि समूह के उपाध्यक्ष विपुल चैतालिया को हिरासत में भी लिया है. देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे चैतालिया को मुंबई हवाई अड्‌डे से पकड़ा गया. उनसे सीबीआई के बांद्रा-कुर्ला दफ़्तर में पूछताछ की जा रही है. ग़ौरतलब है कि चौकसी और उनके सहयोगी कारोबारी नीरव मोदी पर पीएनबी के साथ 12,600 करोड़ रुपए की कर्ज़ धोखाधड़ी का आरोप है.