भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकारी बैंकों की गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) यानी फंसे हुए कर्ज को लेकर उद्योगपति गौतम अडानी पर निशाना साधा है. गौतम अडानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी बताया जाता है. मंगलवार को ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘गौतम अडानी सरकारी बैंकों का एनपीए फंसाने वाले सबसे बड़े कलाबाज हैं. अब समय आ गया है जब उन्हें (कर्ज लौटाने के लिए) जवाबदेह बनाया जाए, नहीं तो जनहित याचिका लगना तय है.’ सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बैंकों के एनपीए को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने आरोपों को सही ठहराया है. उन्होंने कहा, ‘मुझे वे (गौतम अडानी) दो रस्सियों से बंधे डंडे के सहारे करतब दिखाने वाले कलाबाज जैसे नजर आते हैं. मुझे जानकारी मिली है कि उनके पास 72 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का एनपीए हो सकता है. लेकिन सही स्थिति तो जांच के बाद ही पता चल पाएगी.’

उधर, गौतम अडानी की कंपनी ने इस पर सफाई दी है. द इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार कंपनी ने कहा कि अडानी समूह बैंकों से लिए गए कर्ज का नियमित रूप से भुगतान कर रही है. कंपनी का यह भी कहना है कि समूह लंबी अवधि के अपने आधे कर्ज के लिए ही सरकारी बैंकों पर निर्भर है, जो लगभग 34 हजार करोड़ रुपये है और उसका भी नियमित भुगतान किया जा रहा है. हालांकि, ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2017 तक अडानी पॉवर पर 47,609.43 करोड़ रुपये, अडानी ट्रांसमिशन पर 8,356.07 करोड़ रुपये, अडानी एंटरप्राइजेज पर 22,424.44 करोड़ रुपये और अड़ानी पोर्ट्स पर 20,791.15 करोड़ रुपये का कुल कर्ज था.