‘मैंने हमेशा सीपीएम के अत्याचारों का विरोध किया है, इसलिए भाजपा के अत्याचारों को भी नहीं स्वीकार करूंगी.’

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह बयान त्रिपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा गिराने पर आया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वाम दलों के 34 साल के उत्पीड़न के बाद टीएमसी की सरकार बनी थी, लेकिन तब इसकी प्रतिक्रिया में कोई हिंसा नहीं हुई थी, क्योंकि उनकी सरकार ‘बदला नहीं, बदलाव’ के नारे से बनी थी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे कहा कि वे सीपीएम के खिलाफ हैं, न कि मार्क्स या लेनिन के. मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि मीडिया त्रिपुरा की घटना पर मौन क्यों है?

‘मैं हिंदू हूं, ईद नहीं मनाता, इसका मुझे गर्व है.’

— आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का यह बयान अयोध्या में दीवाली और मथुरा में होली मनाने के बाद ईद मनाने के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘मैं हिंदू हूं, ईद क्यों मनाऊंगा? मैं जनेऊ पहनकर बाहर टोपी लगाकर माथा नहीं टेकता.’ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने होली के दिन नमाज का वक्त बढ़ाने के लिए मुस्लिम धर्म गुरुओं को धन्यवाद भी दिया. वहीं, शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘आप (सपा) ग से गधा पढ़ाते थे, हम ग से गणेश पढ़ाएंगे.’ इससे पहले नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने आदित्यनाथ सरकार पर शिक्षामित्रों और युवाओं को धोखा देने का आरोप लगाया था.


‘अयोध्या विवाद पर मैंने जो कहा वह धमकी नहीं, चेतावनी है.’

— श्री श्री रविशंकर, ऑर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) के संस्थापक

एओएल के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का यह बयान अयोध्या विवाद को लेकर अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए आया. सोमवार को उन्होंने कहा था कि अगर आपसी बातचीत पर अयोध्या विवाद नहीं सुलझता है तो देश में सीरिया जैसे हालात पैदा हो जाएंगे. इस पर मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि मैं किसी को धमकी दूंगा.’ श्री श्री रविशंकर ने आगे कहा, ‘हमने कहा था कि हमारे देश में ऐसी हिंसा नहीं होनी चाहिए जैसी मध्य पूर्व में होती है.’ इस पर हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा है कि क्या श्री श्री रविशंकर को देश के संविधान और कानून पर भरोसा नहीं है.


‘आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग कोई राजनीतिक संघर्ष नहीं है.’

— एन चंद्रबाबू नायडू, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का यह बयान भाजपानीत केंद्र सरकार पर आंध्र प्रदेश की परेशानियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बावजूद आम बजट में आंध्र प्रदेश की जरूरतों पर गौर नहीं किया गया. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने राज्य की भलाई के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया था. उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस पर राज्य के बंटवारे के समय आंध्र प्रदेश के साथ न्याय नहीं किया था, इसलिए उसे चुनाव में लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था.


‘म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय नरसंहार अभी भी जारी है.’

— एंड्रयू गिलमोर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार सहायक महासचिव

सहायक महासचिव एंड्रयू गिलमोर का यह बयान बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रोहिंग्या शरणार्थियों से मिलने के बाद आया. उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं समझती कि कॉक्स बाजार में मैंने जो सुना या देखा है, उसके आधार पर इसके अलावा कोई दूसरा नतीजा निकाल सकती हूं.’ एंड्रयू गिलमोर ने आगे कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों का उत्पीड़न पहले जैसा आक्रामक नहीं रहा है, बल्कि आतंक और जबरन भुखमरी की तरफ धकेलने वाले एक धीमे अभियान में तब्दील हो गया है. उनके मुताबिक इसका मकसद रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश से खदेड़ना है.