श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. खबरों के मुताबिक श्रीलंका सरकार ने कैबिनेट की एक विशेष बैठक में 10 दिन के लिए आपातकाल लगाने का फैसला किया. इससे पहले बीते सोमवार को कैंडी जिले और उससे लगे हिस्सों में बौद्ध-मुस्लिम समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी. इसके अलावा त्रिपुरा में पहली भाजपा सरकार की कमान बिप्लब देब के हाथों में देने की खबर भी अखबारों के पहले पन्ने पर है. बताया जाता है कि वे नौ मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

राज्य सरकारों द्वारा स्थाई की जगह ठेके पर काम देने को प्राथमिकता

देश में रोजगार के घटते मौकों के बीच राज्य सरकारें गुपचुप तरीके से इन्हें और कम कर रही हैं. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक वेतन आयोग द्वारा तनख्वाह में बढ़ोतरी की वजह से सरकारें कर्मचारियों को ठेके पर रख रही हैं. हाल ही में तमिलनाडु में एक समिति का गठन किया गया है. सरकार ने उससे ऐसे गैर अनिवार्य पदों की पहचान करने को कहा है जिन पर एक तय समय के लिए ठेके पर नियुक्ति की जा सकती है. इससे पहले सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग ने भी बीते साल सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर निर्भरता कम करने के लिए सरकारी सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने का सुझाव दिया था. हालांकि, बताया जाता है कि श्रम संगठनों के विरोध की वजह से केंद्र सरकार इस पर धीरे-धीरे आगे बढ़ सकती है.

आधार को सरकारी सेवाओं और योजनाओं के साथ जोड़ने की समय-सीमा में बढ़ोतरी की संभावना

आधार संख्या को सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ने की समय-सीमा को 31 मार्च से आगे बढ़ाया जा सकता है. अमर उजाला की एक खबर के मुताबिक केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है. केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने बताया कि पहले भी इसकी समय-सीमा बढ़ाई गई है और आगे भी बढ़ाई जाएगी. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि इस महीने के आखिर में इसकी घोषणा की जाएगी.

भारतीय रेलवे की सभी श्रेणियों में दो लाख से अधिक पद खाली

भारतीय रेलवे की सभी श्रेणियों में दो लाख से अधिक पद खाली पड़े हुए हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को लोक सभा में पेश रेलवे संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई. इसमें कहा गया है कि एक अप्रैल, 2017 को सभी श्रेणियों की 14,69,715 पदों में से 2,22,509 पद खाली थे. बताया जाता है कि स्थाई समिति ने इतनी बड़ी संख्या में खाली पदों को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर इन्हें भरने की सिफारिश की है. दूसरी ओर, रेलवे द्वारा करीब 90,000 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है.