तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की सहयोगी रहीं शशिकला को बेंगलुरू जेल में विशेष सुविधाएं दिए जाने का मामला कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. बताया जाता है कि इस मामले की जांच करने वाले अधिकारी को कर्नाटक के पूर्व जेल महानिदेशक ने लिखित बयान दिया है. इसमें कहा है कि उन्होंने शशिकला को विशेष सुविधाएं राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के निर्देश पर दी थीं.

द हिंदू के मुताबिक राज्य के पूर्व जेल महानिदेशक (सेवानिवृत्त) एचएन सत्यनारायण राव ने जांच अधिकारी को बताया है कि उन्हें शशिकला की ओर से क्लास-1 सुविधाएं मुहैया कराने की मांग के संबंध में दो अलग-अलग अर्ज़ियां मिली थीं. जेल अधीक्षक के जरिए उनके पास पहुंची इन अर्ज़ियों को उन्होंने सीधे स्वीकार नहीं किया बल्कि सरकार की ओर बढ़ा दिया. लेकिन प्रदेश के गृह विभाग से इन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इसके बाद उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि शशिकला को जेल में सामान्य महिला कैदियों की तरह रखा जाए.

राव के बयान के मुताबिक, ‘इसके एक महीने बाद मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) ने मुझे अपने निजी सहायक वेंकटेश के माध्यम से अपने पास बुलाया. मुलाक़ात के दौरान मुख्यमंत्री ने पूछा कि शशिकला को जेल में किस तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं. इस पर मैंने बताया कि उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है. बल्कि सामान्य महिला कैदियों की तरह रखा जा रहा है. तब मुख्यमंत्री ने मुझे निर्देश दिया कि उन्हें एक कोट, पलंग-बिस्तर और तक़िया उपलब्ध कराई जाए. मैंने मुख्यमंत्री का यह निर्देश लागू भी किया क्योंकि इस मामले में सरकार के पास सभी अधिकार हैं.’

सूत्रों की मानें तो राव ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में इस बयान का उल्लेख किया है. दरअसल राव पर बेंगलुरु जेल की पूर्व डीआईजी (उपमहानिरीक्षक) डी रूपा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने शशिकला को विशेष सुविधा देने के एवज़ में दो करोड़ रुपए की रिश्वत ली. सरकार ने इन आरोपाें की जांच एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) को सौंपने का आदेश दिया है. राव ने इसी आदेश के ख़िलाफ अदालत में याचिका दायर की है. और जहां तक शशिकला का ताल्लुक़ है तो वे आय से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले में एक साल से सजा काट रही हैं.