भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वरिष्ठ फिरकी गेंदबाज़ आर अश्विन को सर्वाधिक भुगतान के लिहाज़ से शीर्ष खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया है. बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को अनुबंधित करने के लिए एक नई श्रेणी ‘ए-प्लस’ शुरू की है. इसमें भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली सहित कुल पांच खिलाड़ी शामिल किए गए हैं.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक ‘ए-प्लस’ श्रेणी में कोहली के अलावा रोहित शर्मा, शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को शामिल किया गया है. इन खिलाड़ियों को सालाना सात करोड़ रुपए का भुगतान होगा. इसके बााद ‘ए’ श्रेणी के खिलाड़ियों को हर साल पांच करोड़ रुपए दिए जाएंगे. इस श्रेणी में धोनी और अश्विन सहित कुल सात खिलाड़ी- रवींद्र जाड़ेजा, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और ऋद्धिमान साहा हैं.

इसके बाद ‘बी’ श्रेणी के खिलाड़ियों में केएल राहुल, उमेश यादव, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, हार्दिक पांड्या, इशांत शर्मा और दिनेश कार्तिक हैं. जबकि ‘सी’ श्रेणी में केदार जाधव, मनीष पांडे, अक्षर पटेल, करुण नायर, सुरेश रैना, पार्थिव पटेल और जयंत यादव को शामिल किया गया. इन श्रेणियों के खिलाड़ियों को क्रमश: सालाना तीन और एक करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा. यह अनुबंध अक्टूबर-2017 से सितंबर-2018 के बीच का है.

नई व्यवस्था के तहत तेज गेंदबाज़ मोहम्मद शमी और वरिष्ठ बल्लेबाज़ युवराज सिंह को इस बार बीसीसीआई ने अनुबंधित ही नहीं किया. इनमें से शमी को बाहर रखने की वज़ह यह बताई गई है कि उन पर उनकी पत्नी ने घरेलू हिंसा और व्यभिचार के आरोप लगाए हैं. जबकि युवराज की बढ़ती उम्र और उनके ठहरे प्रदर्शन की वज़ह से शायद उन्हें बाहर रखा गया. युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत भी अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से बाहर हैं.

वहीं धोनी को ‘ए-प्लस’ श्रेणी से बाहर रखने के मसले पर बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया, ‘यह चयनकर्ताओं का फ़ैसला है. इसके पीछे सीधी सी दलील यह है कि जो ज़्यादा खेलेगा उसे अधिक भुगतान होगा. इस मामले में फ़ैसला लेने से पहले धोनी, कोहली और कोच रवि शास्त्री से चर्चा की गई थी. वे तीनों ही इस व्यवस्था पर सहमत हैं. जिन पांच खिलाड़ियों को ‘ए-प्लस’ श्रेणी में रखा गया वे क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे हैं.’