फर्जी डिग्री के आरोप में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की पुलिस रिमांड अवधि दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है.  चार दिनों की रिमांड खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें साकेत कोर्ट में पेश किया था. कोर्ट ने इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई का ब्यौरा जानने और दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद तोमर की हिरासत अवधि को बढाने का निर्देश दिया. बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में और जांच की जरूरत बताते हुए तोमर की रिमांड अवधि 11 दिन बढाने की मांग की थी.
आम आदमी पार्टी ने अब अपने इस पूर्व मंत्री से पूरी तरह किनारा करने का मन बना लिया है.
उल्लेखनीय है कि फर्जी डिग्री की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने इसी महीने की नौ तारीख को जितेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस उन्हें फैजाबाद (अवध विश्वविद्यालय) और भागलपुर ले गई, जहां उनके शैक्षिक रिकार्डों की जांच की गई. जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने उनकी बीएससी की डिग्री को फर्जी बताया है. वहं आम आदमी पार्टी ने अब अपने इस पूर्व मंत्री से पूरी तरह किनारा करने का मन बना लिया है. पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि उन्हें किसी भी तरह की कानूनी सहायता नहीं दी जाएगी.
कोस्टगार्ड के लापता विमान के सिग्नल मिले
नौ सेना को पांच दिन पहले लापता हुए भारतीय कोस्टगार्ड के डॉर्नियर विमान के सिग्नल मिले हैं. ये सिग्नल पुद्दुचेरी के दक्षिण में पोर्तो नोवो और कराईकल तट के बीच मिले हैं. यह वही इलाका है जहां पर विमान का नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूटा था. सिग्नल मिलने के बाद विमान और उसके चालक दल के सदस्यों की तलाश तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि जल्द ही सेना का पोत उस जगह पर पहुंच जाएगा.
कोस्टगार्ड के चेन्नई जोन कमांडर एसपी शर्मा का कहना है कि विमान की तलाशी में लगे नौसेना के खोजी पोत, 'आईएनएस संध्यक' को शनिवार को समुद्र के अंदर उसके सिग्नल मिले. संध्यक पोत को दो दिन पहले ही डॉर्नियर की तलाश में लगाया गया था. उन्होंने बताया कि जिस जगह से ये सिग्नल मिले हैं, वहां पर तेल का रिसाव भी दिखाई दे रहा है. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी ट्विटर पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिनमें तेल रिसाव साफ दिख रहा है. इस तेल को नमूने की जांच के लिए भेज दिया गया है. मालूम हो कि इंडियन कोस्टगार्ड का टोही विमान डॉर्नियर आठ जून की रात को चेंन्नई स्टेशन से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया था. इस विमान में तीन लोग मौजूद थे.
'युधिष्ठिर' की नियुक्ति का विरोध शुरू
प्रसिद्ध टीवी सीरियल 'महाभारत' में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता और भाजपा नेता गजेंद्र चौहान को 'फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' (एफटीआईआई) की गवर्निंग काउंसिल का अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध शुरू हो गया है. एफटीआईआई में पढ़ने वाले छात्र केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. छात्रों ने उनकी नियुक्ति को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा है कि जब तक उन्हें इस पद से नहीं हटाया नहीं जाता, तब तक वे कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखेंगे.
उधर, गजेंद्र चौहान ने अपनी नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा है कि छात्र बेवजह उनका विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करने की वजह से उन्हें फिल्म निर्माण संबंधी बारीकियों का अच्छा खासा अनुभव है. उन्होंने यह दावा भी किया कि वे अपने अनुभव के दम पर एफटीआईआई की तस्वीर बदल देगें. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसी महीने नौ जून को गजेंद्र सिह को एफटीआईआई का अध्यक्ष नियुक्ति किया है. कहा जा रहा है कि उन्हें प्रसिद्ध गीतकार गुलजार और फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल जैसे दिग्गजों पर वरीयता देते हुए यह जिम्मेदारी दी गई है.