बड़े समाज सुधारक और नेता रहे व्यक्तियों की मूर्तियों पर हमले जारी हैं. त्रिपुरा में लेनिन, तमिलनाडु में पेरियार और पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्तियों पर हमला किए जाने के बाद अब संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों पर हमले किए जा रहे हैं. खबर है कि बुधवार रात को चेन्नई के एक इलाके में बीआर अंबेडकर की मूर्ति को रंग डाल कर गंदा कर दिया गया. इससे पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ से अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने की खबर आई थी. बुधवार को टूटी मूर्ति मिलने के बाद से घटना इलाके में तनाव है. खबर के मुताबिक कुछ शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया है. पुलिस आरोपितों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है.

मेरठ में कुछ शरारती तत्वों ने अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी
मेरठ में कुछ शरारती तत्वों ने अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी

उधर, मूर्तियों पर हो रहे हमलों पर उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इन घटनाओं को अंजाम देने वालों को लोग पागल और बेशर्म बताया. उप-राष्ट्रपति से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं की निंदा की थी. उन्होंने मूर्ति तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे सतर्क रहें और मूर्तियों को नुकसान पहुंचा रहे तत्वों पर फौरन कार्रवाई करें.

मूर्तियां तोड़ने का यह सिलसिला त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद शुरू हुआ था. चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद राज्य में कई हिस्सों से हिंसा, मारपीट, आगजनी और तोड़-फोड़ की खबरें आने लगीं. इस बीच खबर आई कि बेलोनिया में भाजपा समर्थकों ने बुलडोजर की मदद से लेनिन की मूर्ति गिरा दी. इसके बाद मंगलवार रात को तमिलनाडु के वेल्लोर में समाज सुधारक पेरियार की मूर्ति पर पत्थर फेंके गए जिससे मूर्ति के चेहरे और हाथों को नुकसान पहुंचा. वहीं, बुधवार को कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर हमला हुआ. मूर्ति के चेहरे पर कालिख पोत दी गई और उसके कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया.