त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बन गई है. राज्य में पार्टी की ऐतिहासिक जीत ने सीपीएम से केवल सत्ता ही नहीं छीनी है बल्कि, पार्टी के वरिष्ठ नेता माणिक सरकार को देश में सबसे कम संपत्ति रखने वाले मुख्यमंत्री का तमगा भी खोना पड़ा है. त्रिपुरा के चुनावी नतीजों के बाद सोशल मीडिया में इस बात को लेकर चर्चा थी कि इतने सादगी पसंद माणिक सरकार भी मुख्यमंत्री पद के लिए मतदाताओं के चहेते नहीं बन पाए. दूसरी ओर, भाजपा ने माणिक सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने राज में सूबे के लोगों को भी गरीब बनाए रखा. चुनाव आयोग को दी गई ताजा जानकारी में माणिक सरकार ने अपने पास करीब 33 लाख रुपये की संपत्ति होने की बात कही है.

मुख्यमंत्रियों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे के आधार पर देखें तो माणिक सरकार के बाद देश की सबसे गरीब मुख्यमंत्री होने का तमगा पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी के पास चला गया है. चुनावी हलफनामे (2016) के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के पास चल संपत्ति के रूप में करीब 30 लाख 45 हजार रुपये हैं. साथ ही, उन्होंने अचल संपत्ति के नाम पर अपने पास कुछ भी नहीं होने की बात कही है. भारतीय राजनीति में ममता बनर्जी भी माणिक सरकार की तरह सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं. इस पूरी जानकारी का एक मतलब यह भी है कि माणिक सरकार अगर पांचवीं बार मुख्यमंत्री बन भी जाते तो भी सबसे कम संपत्ति रखने वाले मुख्यमंत्री का तमगा उनसे छिन जाता

ममता बनर्जी के बाद इस सूची में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती आती हैं. चुनावी शपथपत्र (2016) के मुताबिक उनके पास कुल 55 लाख 96 हजार रुपये की संपत्ति है. इसमें करीब 11 लाख रुपये की चल और 45 लाख रुपये की अचल संपत्ति है. महबूबा मुफ्ती के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीसरे पायदान पर हैं. जनवरी, 2018 में घोषित जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपने नाम पर कुल 56 लाख 23 हजार रुपये की संपत्ति होने की बात कही है. इसमें से 40 लाख अचल संपत्ति के रूप में है.

सबसे गरीब मुख्यमंत्री
सबसे गरीब मुख्यमंत्री

दूसरी ओर, देश में सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों पर गौर करें तो आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू का पहला स्थान बरकरार है. चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास कुल करीब 1.78 अरब रुपये की संपत्ति है. इसमें चल संपत्ति की हिस्सेदारी करीब 1.35 अरब रु की है. चंद्रबाबू नायडू के बाद अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू अमीर मुख्यमंत्रियों की सूची में दूसरे और पंजाब के अमरिंदर सिंह तीसरे पायदान पर हैं. पेमा खांडू की कुल संपत्ति करीब 1.30 अरब रुपये और अमरिंदर सिंह की 48.32 करोड़ रुपये है.

सबसे अमीर मुख्यमंत्री
सबसे अमीर मुख्यमंत्री

नए मुख्यमंत्रियों की बात करें त्रिपुरा के बिप्लब कुमार देब के पास करीब दो करोड़ रु की संपत्ति है. इसमें अचल संपत्ति 1.35 करोड़ की है. मेघालय के कॉनराड संगमा के पास करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपये और नगालैंड के नेफ्यू रियो के पास साढ़े 36 करोड़ रु की संपत्ति है.

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की संपत्ति में बीते तीन वर्षों में 32 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. साल 2014 में गोरखपुर लोक सभा सीट से पर्चा भरते वक्त उन्होंने अपने पास करीब 72 लाख रुपये की कुल संपत्ति बताई थी. इसके बाद 2017 में विधान परिषद के लिए नामांकन दाखिल करते समय उन्होंने अपने पास करीब 96 लाख रुपये की संपत्ति होने की बात कही. इसमें एक लाख रुपये मूल्य का एक रिवॉल्वर और 80,000 रुपये की एक राइफल भी शामिल है.