सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम युवक से शादी करने वाली केरल की हादिया को अपने पति शफीन जहां के साथ रहने की इजाजत दे दी है. शीर्ष अदालत ने हादिया और शफीन जहां की शादी को रद्द करने वाले केरल हाई कोर्ट के फैसले को भी पलट दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि दोनों की शादी वैध है और केरल हाई कोर्ट को इसे रद्द नहीं करना चाहिए था.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा इस मामले के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से कथित जुड़ाव की जांच को जारी रखने की इजाजत दे दी है. उधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हादिया के पिता केएम अशोकन ने कहा कि अपनी बेटी को एक आतंकी के साथ जाने की इजाजत मिलने से वे काफी दुखी हैं. उन्होंने कानूनी लड़ाई आगे जारी रखने और सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका लगाने की भी बात कही है.

बीते साल हादिया के पिता केएम अशोकन की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए केरल हाई कोर्ट ने आपसी रजामंदी से शादी होने की हादिया की गवाही को नहीं माना था और उसकी शादी को रद्द कर दिया था. इस फैसले को हादिया के पति शफीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शादी के मामले में लड़की की रजामंदी को सबसे अहम बताया था. बीते साल नवंबर में शीर्ष अदालत में पेश हादिया ने कहा था कि उसकी शादी आपसी रजामंदी से हुई है और वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. हालांकि, हादिया को आगे की पढ़ाई के लिए उसके कॉलेज भेजते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केरल हाई कोर्ट के फैसले पर बाद में विचार किया जाएगा.