राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कथित लव जिहाद से जुड़े ऐसे चार मामलों का पता चला है जिनमें हिंदू पुरुषों ने इस्लाम अपना लिया. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से यह बात कही गई है. हादिया मामले की जांच कर रही एनआईए इस तरह के बाकी कथित लव जिहाद के मामलों की भी पड़ताल कर रही है.

अखबार के मुताबिक केरल पुलिस के प्रमुख लोकनाथ बहेरा ने इसकी पुष्टि की है. उनके मुताबिक एनआईए से 89 मामलों की एक सूची साझा की गई थी. इनमें से 11 मामले चुने गए जिनकी जानकारी एनआईए को दी गई. हादिया और उनके पति शफीन जहां का मामला भी इन्हीं 11 मामलों में से एक था.

हादिया के पिता की याचिका के आधार पर केरल हाई कोर्ट ने उनकी शादी को रद्द कर दिया था. गुरुवार को हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया और हादिया को शफीन जहां के साथ रहने की इजाजत दे दी. इस मामले की सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने एनआईए से कहा था कि वह जांच करे कि क्या किसी खास तरीके या सुनियोजित प्रयास के तहत लोगों का धर्मांतरण कर उनकी शादियां कराई जा रही हैं.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘इन सभी मामलों में एनआईए ने पाया कि चार युवकों और सात युवतियों का धर्म बदलवाने में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े वही संगठन और व्यक्ति (जिन्होंने हादिया का धर्मांतरण कराया था) शामिल थे.’ अधिकारी ने यह भी बताया कि कम से कम तीन मामलों में धर्मांतरण कराने के प्रयास विफल रहे.

उधर, पीएफआई के वकील केपी मुहम्मद शरीफ का कहना है कि संगठन का ऐसे किसी मामले में कोई हाथ नहीं है. उन्होंने हिंदू संगठनों के लव जिहाद के आरोपों से भी इनकार किया. शरीफ ने आरोप लगाया कि एक भयानक साजिश के तहत पीएफआई के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं.