कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पहली बार 2004 में खुद प्रधानमंत्री बनने के बजाए मनमोहन सिंह का नाम आगे करने की वजह का जवाब दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी सीमाएं जानती थी. मैं जानती थी कि मनमोहन सिंह मेरी तुलना में बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे.’ अगला लोकसभा चुनाव रायबरेली से लड़ने या न लड़ने के सवाल पर सोनिया गांधी ने कहा कि वे इस बारे में पार्टी का फैसला मानेंगी.

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मदद करने के बारे में सोनिया गांधी ने कहा, ‘वे अपनी जिम्मेदारी समझते हैं. जब उन्हें जरूरत होगी मैं उनके साथ रहूंगी. अपनी तरफ से उनकी मदद करने की कोशिश नहीं करूंगी.’ वहीं, प्रियंका गांधी की राजनीतिक भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि अभी वे (प्रियंका गांधी) अपने बच्चों में व्यस्त हैं, बाकी उनके ऊपर है और भविष्य कोई नहीं जानता है.

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2014 के आम चुनाव में पार्टी की हार के लिए सत्ताविरोधी रुझान और अन्य वजहों को जिम्मेदार बताया. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान का मुकाबला नहीं कर पाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई सलाह देने के बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने कहा, ‘मैं उन्हें सलाह देने की हिम्मत नहीं दिखाऊंगी. उनसे आसपास इसके लिए बहुत से लोग हैं.’

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी द्वारा ‘नर्म हिंदुत्व’ की राजनीति किए जाने के आरोपों को गलत बताया. वहीं, गुजरात विधानसभा चुनाव के समय राहुल गांधी के मंदिर जाने पर उन्होंने कहा, ‘हम लोग पहले भी मंदिर जाते थे, लेकिन उसका दिखावा नहीं करते थे.’ हालांकि, सोनिया गांधी ने विरोधियों पर कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी के रूप में पेश करने का भी आरोप लगाया.