पाकिस्तान के तीन बेहद खतरनाक आतंकवादियों पर अमेरिका ने बड़े इनाम की घोषणा की है. इनमें पहला प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का सरगना मौलाना फजलुल्लाह है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उस पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा गया है. उधर, जमात-उल-अहरार (जेयूए) के अब्दुल वली और लश्कर-ए-इस्लाम (एलईआई) के नेता मंगल बाग़ की सूचना देने वाले को अमेरिका 30-30 लाख डॉलर का इनाम देगा.

खबरों के मुताबिक शुक्रवार को पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई. इनाम की यह घोषणा इसी मुलाकात के बाद की गई. इस घोषणा से एक दिन पहले मौलाना फजलुल्लाह के बेटे के मारे जाने की भी खबर आई थी. अखबार के मुताबिक वह अफगानिस्तान में एक अमेरिकी ड्रोन के हमले में मारा गया.

इन तीनों इनामी आतंकवादियों और उनके समूहों के खिलाफ हमलों के अनेक गंभीर मामले दर्ज हैं. दिसंबर 2014 में टीटीपी ने पेशावर के एक स्कूल पर घातक हमला किया था. उसमें 130 बच्चों समेत कुल 151 लोगों की मौत हो गई थी. फजलुल्लाह पर पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करने वाली मलाला यूसुफजई के खिलाफ भी साजिश का आरोप है. दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक अल-कायदा के साथ भी इसके करीबी रिश्ते रहे हैं.

उधर, जेयूए का अब्दुल वली अफगानिस्तान से आतंकी गतिविधियां चलाता है. इस संगठन ने पाकिस्तान के पंजाब में अनेक आत्मघाती हमले किए हैं. अगस्त 2015 में इसने पंजाब के गृह मंत्री को भी निशाना बनाया था. फिर मार्च 2016 में जेयूए के आत्मघाती हमलावरों ने लाहौर के एक पार्क में लोगों पर हमला किया. उसमें 75 लोग मारे गए थे जबकि 340 घायल भी हुए थे. मंगल बाग पर नशीले पदार्थों की तस्करी से पैसा उगाने का आरोप है. उस पर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) पर हमले करने के अलावा अपहरण के भी अनेक मामले दर्ज हैं.