मुझे आशंका हो रही थी कि वे लोग राजीव गांधी को भी मार देंगे, मैं सही थी, बाद में वही हुआ.’

— सोनिया गांधी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के राजनीति में आने के बाद के हालात को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘मैं राजीव के राजनीति में आने के हमेशा खिलाफ थी. हमारा एक खुशनुमा परिवार था, छोटे बच्चे थे, मुझे लगता था कि राजीव गांधी के राजनीति में जाने पर यह सब खत्म हो जाएगा, क्योंकि सच्ची राजनीति करने पर ये सारी चीजें बाद में आती हैं.’ सोनिया गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी को राजनीति में आना पड़ा, क्योंकि पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं था. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के लगभग सात साल बाद 21 मई 1991 को प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी हत्या हो गई थी.

‘भारतीय इतिहास में कुछ चुनावों पर हमेशा चर्चा होगी, उनमें त्रिपुरा का यह चुनाव शामिल होगा.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान त्रिपुरा में भाजपा की पहली सरकार बनने के मौके पर आया. उन्होंने कहा, ‘त्रिपुरा में आज ऐसा महसूस हो रहा है कि जैसे पूरा राज्य दिवाली मना रहा हो. हम संपन्नता और प्रगति के दीप जला रहे हैं.’ सबका साथ-सबका विकास को भाजपा का सिद्धांत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्ष के पास अनुभव है और भाजपा सरकार के पास उत्साह, इसलिए राज्य के विकास के लिए दोनों को साथ मिलकर काम करना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था कि सारे भारतीय पूर्वोत्तर के लोगों से मुद्दों को समझते हैं और उनके साथ खड़े हैं.


‘उत्तर प्रदेश के लोकसभा उपचुनाव में अखिलेश यादव के चलते विपक्ष साझा उम्मीदवार नहीं उतार पाया.’

— राज बब्बर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर का यह बयान गोरखपुर और फूलपुर की लोकसभा सीट पर उपचुनाव में विपक्ष के विभाजन को लेकर आया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही उपचुनाव बसपा और सपा के साथ मिलकर लड़ना चाहती थी, लेकिन ऐसा हो नहीं हो पाया. राज बब्बर ने आगे कहा, ‘अगर विपक्ष एकजुट होता तो भाजपा से दोनों सीटें आसानी से छीनी जा सकती थीं.’ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उनका कहना था कि इसके लिए विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा, नहीं तो भाजपा को हराना आसान नहीं होगा. लोकसभा उपचुनाव में बसपा और सपा एक साथ हैं, जबकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतारा है.


‘क्या मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर रही है?’

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का यह बयान फ्रांस के साथ राफेल विमान सौदे को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘यूपीए सरकार के समय 126 विमानों को खरीदने का टेंडर निकाला गया था. लेकिन उस समझौते को रद्द कर दिया गया. अब हम कितने विमान खरीदने जा रहे हैं, केवल 36.’ गुलाम नबी आजाद ने पूछा कि बाकी के 90 विमानों की भरपाई कौन करेगा? कांग्रेस ने राफेल विमान सौदे में पारदर्शिता की कमी के साथ-साथ मोदी सरकार पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगा रही है. इसके अलावा विमानों की कीमत सार्वजनिक करने की भी मांग कर रही है.


‘मैं चाहता हूं कि फ्रांस यूरोप में भारत के लिए नया प्रवेश स्थल बने.’

— इमानुएल माक्रों, फ्रांस के राष्ट्रपति

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों का यह बयान भारत की यात्रा शुरू होने से पहले आया. उन्होंने कहा, ‘यूरोप में भारत का ऐतिहासिक साझेदार ब्रिटेन है. लेकिन मैं चाहता हूं कि फ्रांस नया साझेदार बने.’ राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने आगे कहा कि वे यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भी भारत की निकटता चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं आप (भारत) की रचनात्मकता, आपकी उद्यमिता और आपके युवाओं की फ्रांस में ज्यादा से ज्यादा मौजूदगी चाहता हूं और फ्रांस के लिए भी आपसे यही उम्मीद करता हूं.’ राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों की चार दिवसीय भारत यात्रा शुक्रवार से शुरु हो रही है.