बीते हफ्ते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए नई अनुबंध व्यवस्था का ऐलान किया. बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को अनुबंधित करने के लिए एक नई श्रेणी ‘ए-प्लस’ शुरू की है. इसमें शामिल किए गए खिलाड़ियों को सालाना सात करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा. ‘ए-प्लस’ श्रेणी में कप्तान विराट कोहली के अलावा रोहित शर्मा, शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को शामिल किया गया है. धोनी और अश्विन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों को इस श्रेणी में जगह नहीं दी गई है. धोनी, अश्विन और रविन्द्र जडेजा को ‘ए श्रेणी’ में शामिल किया गया है. उन्हें बोर्ड की तरफ से हर साल पांच करोड़ रुपए दिए जाएंगे.

बीसीसीआई के कामकाज पर नजर रखने वाली प्रशासकों की समिति के मुखिया विनोद राय ने मीडिया को बताया कि ए-प्लस श्रेणी बनाने का फैसला विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी की सलाह से लिया गया है. उनका कहना था, ‘वे एक ऐसी श्रेणी चाहते थे जिसमें किसी खिलाड़ी के वर्तमान प्रदर्शन के आधार पर उसे रखा जाए. इस श्रेणी में किसी भी खिलाड़ी की स्थायी जगह न हो. जब तक वह अच्छा प्रदर्शन करे तब तक ही इस श्रेणी में रहे.’

पूर्व सीएजी विनोद राय ने आगे बताया,’ उनका ये भी तर्क था कि इस श्रेणी में केवल उन खिलाड़ियों को ही रखा जाए जो तीनों प्रारूपों में खेलते हैं, जो टॉप-10 खिलाड़ियों की सूची में हैं.’ प्रशासकों की समिति ने वरिष्ठ राष्ट्रीय चयन समिति को समय-समय पर इस श्रेणी के लिए खिलाड़ियों को चुनने की जिम्मेदारी सौंपी है.

यहीं से कई लोग ए-प्लस श्रेणी में आर अश्विन और रविन्द्र जडेजा जैसे कुछ खिलाडियों का नाम न होने पर सवाल उठाते हैं. इन लोगों का कहना है कि ‘ए-प्लस’ श्रेणी में शामिल किए गए पांच खिलाड़ियों में भुवनेश्वर कुमार ऐसे हैं जो दुनिया के टॉप-10 खिलाड़ियों की किसी भी सूची में नहीं आते हैं, फिर भी उन्हें इस श्रेणी में शामिल किया गया है. उनके मुताबिक दूसरी ओर आश्चर्य की बात है कि अश्विन को इस श्रेणी के लायक नहीं समझा गया जबकि वे टेस्ट प्रारूप के दस शीर्ष गेंदबाजों में ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बेहतर हरफनमौला खिलाड़ियों की सूची में भी तीसरे पायदान पर हैं. ऐसा ही हाल अश्विन के जोड़ीदार रविन्द्र जडेजा का भी है. जडेजा इस समय टेस्ट में दुनिया के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं और हरफनमौला खिलाड़ियों की सूची में भी वे दूसरे स्थान पर हैं.

इसके अलावा अगर इन दोनों के प्रदर्शन पर गौर करें तो यह इन दोनों की गेंदबाजी रणनीति ही थी जिसने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ पांच टीमों को भारतीय सरजमीं पर घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. भारतीय टीम अगर पिछले दो साल में अपने घर में कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारी तो इसका एक बड़ा श्रेय इन दोनों के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को भी दिया जाता है. इस बीच अश्विन ने तो ऐसे कई कीर्तिमान स्थापित किए जो महान शेन वार्न और मुथैया मुरलीधरन भी हासिल नहीं कर पाए. नवंबर में इस भारतीय ऑफ स्पिनर ने इतिहास रचते हुए टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने की उपलब्धि हासिल की.

अगर वर्तमान परिस्थितियों की भी बात करें तो 2013-14 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के चलते अश्विन से इस बार भी ज्यादा उम्मीद नहीं की जा रही थी. इसके बावजूद अश्विन ने इस बार वहां दो टेस्ट मैचों में सात विकेट झटके. साथ ही बल्ले से भी उनका प्रदर्शन (विराट कोहली को छोड़कर) ऊपरी क्रम के कई बल्लेबाजों से बेहतर रहा.

अश्विन के इस प्रदर्शन के बाद भी ए-प्लस श्रेणी में उनका नाम न होने पर कई लोग इसे उनके साथ हुई ज्यादती की तरह भी देख रहे हैं. इन लोगों का मानना है कि बोर्ड ने अश्विन के साथ यह ज्यादती दूसरी बार की है. पहली बार यह तब हुआ था जब उन्हें बीते जुलाई में आराम देने की बात कह कर वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था और तब से अब तक उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया है.

कुछ जानकार तीनों प्रारूपों का हिस्सा होने वाली शर्त पर भी सवाल उठाते हुए कहते हैं कि अगर रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह को इस आधार पर ए-प्लस श्रेणी में जगह दी गई है तो यह पूरी तरह से सही नहीं लगता और बहुत जल्दबाजी में लिया गया फैसला है. इनकी मानें तो रोहित शर्मा का टेस्ट का हिस्सा होना या न होना मायने नहीं रखता क्योंकि वे इस प्रारूप में अपने चयन को 25 टेस्ट मैच खेलने के बाद भी सही साबित नहीं कर सके हैं. जानकारों के मुताबिक इसी तरह जसप्रीत बुमराह को भी ए-प्लस श्रेणी में शामिल करने से पहले कुछ दिन इन्तजार करना चाहिए था क्योंकि उन्होंने अभी केवल तीन टेस्ट ही खेले हैं.

यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि अश्विन ने महेंद्र सिंह धोनी की तरह किसी एक प्रारूप से संन्यास की घोषणा नहीं की है, उन्हें आराम देने की बात कहकर वनडे टीम से बाहर किया गया है. चयनकर्ता लगातार यह भी कहते रहे हैं कि अश्विन बेहतर प्रदर्शन कर फिर टीम में वापसी कर सकते हैं.