2011 से 2016 के दौरान देश के क्षेत्रीय दलों की आय और संपत्तियों में जबरदस्त इजाफा हुआ है. एसोसिएशन आॅफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक नई रिपोर्ट में यह बात कही गई है. रिपोर्ट के मुताबिक इन पांच सालों के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) की घोषित आय में 198 फीसदी की भारी-भरकम वृद्धि हुई है. इसी दौरान अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की आय में 155 प्रतिशत का तगड़ा इजाफा हुआ.

रिपोर्ट के मुताबिक 2011-12 में सपा ने 213 करोड़ रु की संपत्ति की घोषणा की थी जो 2015-16 में बढ़कर 635 करोड़ की हो गई. इसी तरह तब एआईएडीएमके की कुल घोषित संपत्ति 88 करोड़ रु की थी जो कि अगले पांच साल में बढ़कर 225 करोड़ पर पहुंच गई. शिव सेना की संपत्ति में भी इस दौरान 92 फीसदी का इजाफा हुआ. यह 21 करोड़ से बढ़कर 39 करोड़ रु पर पहुंच गई.

एडीआर की रिपोर्ट के हवाले से अखबार ने आगे लिखा है कि साल 2011 में वाईएसआर कांग्रेस का पंजीकरण हुआ था. और फिर नवंबर 2012 में आम आदमी पार्टी (आप) की बुनियाद पड़ी. वित्त वर्ष 2012-13 में इन दोनों पार्टियों ने अपनी औसतन संपत्ति एक करोड़ रुपये की बताई थी. अगले चार सालों के दौरान यह आंकड़ा 3.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.