भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा सहित 14 समझौते किए हैं. इन समझौतों पर शनिवार को दिल्ली में फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के बाद हस्ताक्षर किए गए. इसके बाद जारी संयुक्त बयान में राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने दोनों देशों के बीच रणनीति साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस अपनी सैन्य एजेंसियों के कामकाज में भारत के सहयोग के साथ अंतरिक्ष की गतिविधियों पर सामूहिक निगरानी सुनिश्चित करना चाहता है. राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों का यह भी कहना था कि बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद और चरमपंथ के खतरों से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है.

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारी (भारत-फ्रांस) रणनीतिक साझेदारी भले ही 20 साल पुरानी हो, लेकिन हमारे देशों और सभ्यताओं की आध्यात्मिक साझेदारी शताब्दियों पुरानी है.’ उन्होंने आगे कहा कि फ्रांस की तरह स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की भावना भारतीय संविधान में भी गहरे तक समाई हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच जनता के स्तर पर संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए जरूरी बताया.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों अपनी पत्नी के साथ शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे थे. शनिवार को राष्ट्रपति भवन में स्वागत के बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों 12 मार्च तक भारत में रहेंगे. इस दौरान रविवार को होने वाले पहले इंटरनेशनल सोलर समिट में हिस्सा लेंगे. फ्रांस, भारत के साथ इसका सह-आयोजक है.