त्रिपुरा में सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने चारीलाम विधानसभा सीट पर होने जा रहे चुनाव से खुद को अलग कर लिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार लेफ्ट फ्रंट ने चुनाव परिणाम आने के बाद कथित तौर पर राज्य की सत्ताधारी भाजपा द्वारा की जा रही हिंसा को इसकी वजह बताया है. लेफ्ट फ्रंट ने शनिवार को आयोजित बैठक में यह फैसला किया.

उधर, सीपीएम के राज्य सचिव बीजन धर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी के इस फैसले की जानकारी दी है. इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पार्टी ने चुनाव आयोग से चारीलाम विधानसभा क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने तक मतदान टालने की गुजारिश की थी, जिस पर आयोग ने विचार नहीं किया है, ऐसे में जमीनी हकीकत को देखते हुए लेफ्ट फ्रंट ने अपना उम्मीदवार हटाने का फैसला किया है. उन्होंने अपने पत्र में इस दौरान लेफ्ट फ्रंट के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और कार्यालयों पर हुए हमले का भी ब्योरा दिया है. बीजन धर ने यह भी कहा है कि इसी हिंसा के चलते लेफ्ट फ्रंट समर्थित सीपीआई(एम) उम्मीदवार चुनाव प्रचार के लिए अपने क्षेत्र में नहीं पहुच पाए हैं.

त्रिपुरा की चारीलाम विधानसभा सीट पर सीपीएम उम्मीदवार का निधन होने जाने की वजह से बीते महीने मतदान नहीं हो पाया था. यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. इस सीट पर अब 12 मार्च को मतदान होना है. सत्ताधारी भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन ने यहां से नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री जिष्णु देब बर्मन को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, लेफ्ट फ्रंट ने पलाश देबबर्मा को मैदान में उतारा था.