पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपितों में शामिल नीरव मोदी ने खुद को भगोड़ा मानने से इनकार किया है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के नए समन के जवाब में उन्होंने कहा, ‘मीडिया संस्थानों ने मुझ पर भगोड़ा होने का ठप्पा लगा दिया है. लेकिन मैं नहीं हूं.’ उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और मीडिया के बीच सौदेबाजी के चलते उन्हें सरकार द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक को मंजूरी देने की वजह के तौर पर पेश किया जा रहा है. नीरव मोदी ने यह भी कहा कि मीडिया और राजनीति दल उन्हें ऐसे पेश कर रहे हैं, जैसे उनका अपराध साबित हो गया हो. सीबीआई ने गुरुवार को नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी को नया समन भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा था.

वहीं, नीरव मोदी के वकील ने विजय अग्रवाल ने उनकी जल्द भारत वापसी से इनकार किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, ‘उन्हें (नीरव मोदी) भारत लौटने में वक्त लगेगा, क्योंकि यहां उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता है. इसके अलावा विदेश में कारोबार भी है.’

पीएनबी में सामने आया घोटाला 12,700 करोड़ रुपये का है. इसमें फर्जी दस्तावेजों के सहारे हासिल लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों ने विदेश में भारतीय बैंकों की शाखाओं से निकासी थी. सीबीआई के साथ इसकी जांच में प्रवर्तन निदेशालय भी शामिल है, जिसने अब तक नीरव मोदी और उनकी कंपनियों की 524 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया है.