‘फिल्म पद्मावत में खिलजी के किरदार ने आजम खान की याद दिला दी.’

— जया प्रदा, रामपुर की पूर्व सांसद

पूर्व सांसद जया प्रदा का यह बयान उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और सपा नेता आजम खान पर निशाना साधते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘जब वे रामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ रही थीं, तब आजम खान ने उन्हें बहुत परेशान किया था.’ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जया प्रदा ने कहा कि उन्हें बड़ों का सम्मान करना नहीं आता है. उनके मुताबिक सपा का बिखराव अखिलेश यादव की नासमझी का नमूना है. जया प्रदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और तीन तलाक विधेयक को उनका रचनात्मक कदम बताया.

‘जीत या हार होने के बाद लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते हैं.’

— तसलीमा नसरीन, बांग्लादेश की लेखिका

लेखिका तसलीमा नसरीन का यह बयान मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘अंध युग कहे जाने वाले दौर में ऐसा नियम (विरोधियों को तहस-नहस करना) था. लेकिन आधुनिक समय में हारने वाली पार्टी आपकी दुश्मन नहीं, महज एक राजनीतिक विरोधी होती है.’ तसलीमा नसरीन ने आगे कहा कि जिन लोगों की मूर्तियां लगी हैं, कोई भी उनके विचारों से असहमत हो सकता है, लेकिन उन मूर्तियों को नहीं तोड़ सकता है. त्रिपुरा में 25 साल से सत्तासीन लेफ्ट फ्रंट के खिलाफ जीत मिलने के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वहां लगी व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति तोड़ दी थी.


‘अगर मैं प्रधानमंत्री होता और नोटबंदी लिखी कोई फाइल मेरे सामने लाई जाती तो उसे कूड़ेदान में फेंक देता.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का यह बयान नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को लेकर आया. मलेशिया में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नोटबंदी अच्छा कदम नहीं था और इसने देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया है. महिलाओं की स्थिति को लेकर राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं नहीं समझता कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर मानना चाहिए, बल्कि उन्हें पुरुषों से कहीं ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए.’ कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक पश्चिमी समाज सहित सभी समाजों में महिलाओं को लेकर पक्षपात मौजूद है, जिसे दूर करने की जरूरत है.


‘मैं प्रधानमंत्री बनने के सपने नहीं देखता हूं.’

— नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना को लेकर आया. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसी कामना नहीं करता हूं. मैं अपनी औकात और हैसियत में रहकर काम करता हूं. न तो मेरा कहीं पर कट आउट लगता है और न ही कोई मुझे एयरपोर्ट पर लेने आता है.’ नितिन गडकरी ने आगे कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 का चुनाव जरूर जीतेगी. भाजपा और उनके सहयोगी दलों के बीच तनाव से अगले लोकसभा चुनाव पर असर के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव तक सारे सहयोगी दल भाजपा के साथ आ जाएंगे.


‘उत्तर कोरिया द्वारा ठोस कदम उठाने के बाद ही डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन की मुलाकात हो पाएगी.’

— साराह सैंडर्स, अमेरिका के राष्ट्रपति भवन की प्रेस सचिव

वाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स का यह बयान उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर बातचीत को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने इस आधार पर बातचीत का न्योता स्वीकार किया है कि उत्तर कोरिया अपने वादे के मुताबिक (परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए) ठोस कदम उठाएगा.’ साराह सैडर्स ने आगे कहा कि उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन द्वारा अमेरिका को दिया गया बातचीत का प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन के दबाव का नतीजा है. उनके मुताबिक उत्तर कोरिया के मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसा चाहते थे, वैसा ही नतीजा सामने आया है.