राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह के तौर पर एक बार फिर सुरेश भैया जी जोशी को चुन लिया गया है. आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बताया कि शनिवार को नागपुर में सरकार्यवाह का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और सुरेश भैयाजी जोशी को एक और कार्यकाल के लिए पुन: निर्वाचित किया गया है.

संगठन ने भैया जी जोशी को लगातार चौथी बार ये जिम्मेदारी दी है. 2009 से आरएसएस का सरकार्यवाह पद संभाल रहे जोशी अब 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे. वे एचवी शेषाद्रि के बाद इतने लंबे कार्यकाल के लिए आरएसएस के सरकार्यवाह रहने वाले दूसरे व्यक्ति हैं. शेषाद्रि 1987 से 2000 तक इस पद पर रहे थे. संघ के सरकार्यवाह इसके कार्यकारी प्रमुख होते हैं जो संगठन के रोजाना के कार्यों को देखा करते हैं.

सरकार्यवाह चुने जाने के बाद भैया जी जोशी ने कई मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की. उन्होंने त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बनने के बाद लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की घटना की निंदा की. राम मंदिर मुद्दे पर जोशी का कहना था, ‘राम मंदिर बनना तय है, वहां दूसरा कुछ बन नहीं सकता लेकिन प्रक्रिया से जाना पड़ेगा. न्यायालय के निर्णय के बाद मंदिर निर्माण शुरू होगा. राम मंदिर पर आम सहमति बनना आसान नहीं, लेकिन जो प्रयास हो रहे हैं उसका हम स्वागत करते हैं.’