सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता से जुड़े सभी मामलों की जांच छह महीने में पूरा करने का निर्देश दिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच ने कहा कि यह जांच काफी लंबे समय से चल रही है और ऐसे संवेदनशील मसलों पर देश को लंबे समय तक अंधेरे में नहीं रखा जा सकता है. बेंच ने आगे कहा, ‘यह बहुत गंभीर मसला है. लोग जानना चाहते हैं कि आखिर जांच अब तक पूरी क्यों नहीं हुई...हम इसको लेकर चिंतित और नाखुश हैं.’

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से भी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले और एयरसेल मैक्सिस सौदे की जांच पर दो हफ्ते में स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है. इस मामले में केंद्र सरकार को बीते साल दिसंबर में बड़ा झटका लगा था. लगभग सात साल तक सुनवाई करने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने ए राजा और के कनिमोझी सहित 15 आरोपितों को बरी कर दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को शीर्ष अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर को 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई से अलग होने की इजाजत दे दी है. केंद्र सरकार ने 2014 में उन्हें इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) नियुक्त किया था. इसके साथ शीर्ष अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस मामले में नया एसपीपी नियुक्त करने के केंद्र सरकार के फैसला को भी मंजूर दे दी है.