समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल के सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. साथ ही, इस मौके पर दिया गया उनका एक बयान भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. उन्होंने कहा है, ‘राज्यसभा के लिए सपा ने मुझे प्रत्याशी नहीं चुना. मेरी टिकट उसे दे दी गई जो फिल्मों में नाचने का काम करती है.’ इसके अलावा अखबारों ने महाराष्ट्र में किसान आंदोलन खत्म होने की खबर को भी प्रमुखता से जगह दी है. सोमवार को किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद राज्य की भाजपा सरकार ने उनकी सभी बड़ी मांगों को पूरा करने का वादा किया. सरकार के मुताबिक इन मांगों पर अगले छह महीनों के दौरान कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है.

बिहार : आरटीआई के तहत जानकारी मांगने वालों पर फर्जी मुकदमे

बिहार में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगने वालों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं. दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे लोगों पर अधिकारियों के स्तर पर फर्जी मामले दर्ज कराए जा रहे हैं. इनमें रंगदारी मांगने, एससी-एसटी उत्पीड़न और अपहरण की कोशिश जैसे अपराध से जुड़े मामले हैं. बताया जाता है कि इन मुकदमों से जुड़े 600 आवेदन राज्य सूचना आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग और पुलिस महानिदेशक के पास लंबित हैं. उधर, राज्य सूचना आयोग ने इस मामले में गृह सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर फर्जी मुकदमों की जांच करने, झूठे मुकदमे वापस लेने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा है. साथ ही, आयोग ने सूचना नहीं देने वाले 143 अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन पर आर्थिक दंड भी लगाया है.

ऑनलाइन नकली सामान बेचने वालों पर नकेल की तैयारी

केंद्र सरकार ऑनलाइन खरीदारी में नकली सामान मिलने से परेशान ग्राहकों को राहत देने की तैयारी में है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक सरकार इससे संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना रही है जो मुआवजे की रकम का फैसला करेगा. एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि इसके लिए ई-कॉमर्स कंपनियों, ओद्यौगिक नीति संवर्धन विभाग और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के बीच विचार-विमर्श चल रहा है. बताया जाता है कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर खेलकूद से जुड़े 60 फीसदी उत्पाद नकली होते हैं. साथ ही, अधिक छूट वाली वस्तुओं के भी नकली होने की आशंका होती है.

जम्मू-कश्मीर : एनआईए आतंकी फंडिंग मामले में गिरफ्तार पत्रकार को जमानत मिलने के खिलाफ

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने फोटो पत्रकार कामरान युसुफ को जमानत न दिए जाने को लेकर अपना रुख बरकरार रखा है. एजेंसी के अधिकारी ने इसका फैसला अदालत पर छोड़ते हुए जमानत का विरोध जारी रखने की बात कही है. कामरान युसूफ को जम्मू-कश्मीर में बीते साल आतंकी फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की थी. उन्होंने ट्विटर पर इस बारे में लिखा, ‘मैंने उनसे (गृहमंत्री) इस मामले में दखल देने का निवेदन किया है, जिससे एक नौजवान पत्रकार की जिंदगी को बर्बाद होने से बचाया जा सके.’ उधर, राज्य में पत्रकारों के संगठन ने भी पत्रकार की गिरफ्तारी का विरोध किया है.