तिब्बत के बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) से ग़ैरहाज़िर रह सकते हैं. आईएससी का 105वां संस्करण अगले शुक्रवार से मणिपुर में शुरू हो रहा है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दलाई लामा को आईएससी के मुख्य अतिथियों की सूची में शामिल किया गया है. लेकिन वे संभवत: इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे. आईएससी एसोसिएशन के अध्यक्ष अच्युत सामंत ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘दलाई लामा की ओर से संदेश मिला है कि वे इस सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाएंगे. हमें यह भी बताया गया है कि दलाई लामा दो महीने पहले ही मणिपुर की यात्रा से होकर लौटे हैं.’

आईएससी के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘सम्मेलन का उद्घाटन सत्र शुक्रवार को सुबह 10 बजे शुरू होने वाला है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल हो रहे हैं. इसी में दलाई लामा को भी शामिल होना था. लेकिन अब तिब्बत की निर्वासित सरकार द्वारा संदेश भेजा गया है कि दलाई लामा अगले पांच-छह दिन तक तक धर्मशाला में ही रहेंगे.’

ग़ौरतलब है कि कुछ समय पहले द इंडियन एक्सप्रेस ने ही ख़बर दी थी कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दलाई लामा और तिब्बत की निर्वासित सरकार से दूरी बना रही है. हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से चल रही इस सरकार ने भारत-तिब्बत संबंधों के 60 साल पूरे होने पर दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कुछ कार्यक्रम आयोजित किए हैं. इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रियों-अधिकारियों आदि को भी बुलाया है. लेकिन मोदी सरकार द्वारा इन कार्यक्रमों में आमंत्रित केंद्र और राज्य के सभी प्रतिनिधियों से कह दिया गया है कि वे इनसे दूरी बनाकर रखें. क्योंकि चीन और भारत के संबंध इस वक़्त ‘बेहद नाज़ुक दौर’ से गुजर रहे हैं.