सुप्रीम कोर्ट ने बैंक खाता और मोबाइल नंबर से बायोमीट्रिक पहचान संख्या (आधार) को जोड़ने की समय-सीमा अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दी है. इस खबर के चलते आधार आज फेसबुक और ट्विटर, दोनों के ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है. यहां ज्यादातर लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है. ट्विटर हैंडल @Wajid89 पर टिप्पणी है, ‘...इसीलिए हम सुप्रीम कोर्ट को नागरिक अधिकारों का संरक्षक कहते हैं.’

इसके साथ ही लोगों ने उम्मीद जताई है कि बैंक और टेलीकॉम कंपनियां अब उन्हें आधार लिंक करवाने के लिए परेशान नहीं करेंगी. सायंतन घोष की तंजभरी टिप्पणी है, ‘अगली बार जब भी मेरा बैंक मुझे अकाउंट से आधार लिंक करवाने के लिए छिपी हुई धमकी भरा मैसेज भेजेगा, मैं उसे रिप्लाई करूंगा – तुम रहने दो बेटा, तुमसे न हो पाएगा.’

इस फैसले के हवाले से केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए भी यहां कई मजेदार प्रतिक्रियाएं आई हैं. ट्विटर पर प्रियंका ने चुटकी ली है, ‘सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार को अनिवार्य बनाए जाने का निवेदन ठुकराए जाने के बाद भाजपा भारतीयों के लिए भक्त कार्ड बनवाने का अभियान शुरू करेगी.’

सोशल मीडिया में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

स्वामी |‏ @mohitraj

आधार लिंक करवाने की समय-सीमा अनिश्चितकाल के लिए बढ़ने पर अब सरकार को अच्छे दिन और दूसरे वादे पूरे होने की समय-सीमा भी अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा देनी चाहिए.

आकाश बनर्जी | @akashbanerjee

आज हाई-टेक आधार के साथ अदालत में यही हुआ है :

शिवाकुमार जी | @gsivatweet

अगर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आधार लिंक करवाना अनिवार्य नहीं है तो फिर इसे डीलिंक करवाने का भी कोई प्रावधान होना चाहिए.

जेट ली (वसूली भाई) | @Vishj05

सुप्रीम कोर्ट ने आधार लिंक करने की समय-सीमा अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी है. मोदी सरकार की सिर्फ यही तो एक उपलब्धि थी, लेकिन यह भी ‘राष्ट्रविरोधी’ सुप्रीम कोर्ट ने उससे छीन ली.

पकचिकपक राजा बाबू | @HaramiParindey

बैंक अकाउंट से आधार लिंक करवाने और अच्छे दिन आने की लास्ट डेट अब एक ही हो गई है. इसे अनिश्चित-काल के लिए बढ़ा दिया गया है.