प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का निधन हो गया है. वे 76 साल के थे. स्टीफन हॉकिंग के बच्चों लूसी, रॉबर्ट और टिम ने एक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की है. बयान में कहा गया, ‘वे एक महान वैज्ञानिक और असाधारण व्यक्ति थे जिनके काम की विरासत सालों याद की जाएगी. हम उनकी कमी महसूस करेंगे.’ उनके निधन पर वैज्ञानिक बिरादरी से लेकर बाकी दुनिया तक शोक की लहर है.

स्टीफन हॉकिंग को आइजैक न्यूटन और अल्बर्ट आइंस्टाइन के बराबर का वैज्ञानिक माना जाता है. ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. ब्रह्मांड पर उनकी लिखी किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ खूब चर्चा में रही. 2014 में उनकी जिंदगी पर आधिरत ‘थ्योरी ऑफ एवरीथिंग’ नाम की एक फिल्म भी आई थी.

स्टीफन हॉकिंग का जन्म आठ जनवरी 1942 को हुआ. परिवार में आर्थिक मुश्किलें थीं. जब वे 21 साल के थे तो उन्हें पता चला कि उनको मोटर न्यूरॉन नाम की बीमारी है और वे कुछ महीने ही जिंदा रह पाएंगे. इस बीमारी में शरीर के अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं और व्यक्ति चल-फिर पाने की स्थिति में भी नहीं रहता. लेकिन स्टीफन हॉकिंग ने अपनी इच्छाशक्ति से चिकित्सा विज्ञान को सालों तक गलत साबित किया. वे कहीं ज्यादा साल तक जिए और जैसा कि उनके चाहने वालों का मानना है, उनका काम सदियों तक जिएगा.