विपक्ष के हंगामे के बीच बुधवार को लोक सभा ने आम बजट को बगैर चर्चा के पारित कर दिया है. खबरों के मुताबिक लोक सभा में बजट को गिलोटिन प्रक्रिया से पारित कराया गया है. इसके तहत सभी अनुदान मांगों को एक साथ मतदान के लिए रखा जाता है, चाहे उन पर चर्चा हुई हो या न हुई हो.

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोक सभा में वित्त विधेयक-2018 पेश किया. इसमें आम बजट के कर प्रस्तावों और विभिन्न विभागों के लिए अनुदान मांगें शामिल थीं. विपक्ष की नारेबाजी के बीच भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बहुमत वाले निचले सदन ने इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया. अब इस विधेयक को राज्य सभा (ऊपरी सदन) के पास भेजा जाएगा. ऊपरी सदन में विपक्षी दलों का बहुमत है, लेकिन धन विधेयक होने के नाते इसे 14 दिन के भीतर पारित करना होगा.

इस बीच विपक्ष ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है, क्योंकि संसद सत्र छह अप्रैल तक चलने वाला है. हालांकि, इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सरकार बीते डेढ़ हफ्ते से सदन को चलाने की पूरी कोशिश की है, लेकिन कार्यवाही में बाधा को देखते हुए उसे ये कदम उठाना पड़ा. विपक्ष आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने और पंजाब नेशनल बैंक में 12,700 करोड़ रुपये के घोटाले पर चर्चा की मांग को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है.