केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन सहित सभी आरोपितों को अवैध टेलीफोन एक्सचेंज घोटाला मामले में बरी कर दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार बुधवार को विशेष अदालत के जज नटराजन ने कहा कि वे सभी सातों आरोपितों को बरी कर रहे हैं, क्योंकि पहली नजर में इनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए सबूत नहीं हैं.

पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन, कलानिधि मारन और अन्य ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज घोटाले में बरी करने की याचिका लगाई थी. इस पर इसी साल फरवरी में जिरह के दौरान सीबीआई ने इन आरोपितों को बरी करने का विरोध किया था. उधर, मारन बंधुओं के वकील ने उन्हें निर्दोष बताया था.

यह मामला 2004-2007 के बीच का है, जब दयानिधि मारन केंद्र में सूचना और संचार तकनीक मंत्री थे. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में दयानिधि मारन पर पद का दुरुपयोग कर निजी टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का आरोप लगाया था. इसमें यह भी कहा गया था कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की 764 हाई स्पीड ब्रॉडबैंड लाइनों का इस्तेमाल सन टीवी को अवैध अपलिंक सेवा देने में किया गया था. सीबीआई के मुताबिक इससे चेन्नई में बीएसएनएल और दिल्ली में महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को कुल 1.78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.