गूगल ने अपने एक नए फीचर से भारतीयों की एक बड़ी दिक्कत दूर कर दी है. मंगलवार को कंपनी ने एक नया फीचर ‘प्लस कोड’ लॉन्च किया है जो गूगल मैप्स पर काम करेगा. कंपनी के मुताबिक भारत में किसी जगह को ढूंढ़ना आसान बनाने के लिए इस नई सुविधा की शुरुआत की गई है. इस फीचर के अलावा गूगल मैप्स के वॉयस नेविगेशन में छह भारतीय भाषाओं को भी जोड़ा गया है.

क्या है ‘प्लस कोड’

‘प्लस कोड’ दस डिजिट का एक कोड है. इसमें पहली चार डिजिट एरिया को और अंतिम छह डिजिट शहर और बिल्डिंग को दिखाती हैं. इसे आप किसी डिलिवरी, कूरियर, फूड सर्विस या फिर अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को भी दे सकते हैं. गूगल के मुताबिक इस कोड को गूगल मैप्स में डालकर सर्च करते ही यह सीधे आपकी लोकेशन को नेविगेट कर देगा. इस कोड का सबसे बड़ा फायदा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को होगा जिनका पता ढूंढ़ना कई बार मुश्किल साबित होता है.

फोटो : गूगल
फोटो : गूगल

इस फीचर लॉन्च के मौके पर गूगल मैप्स नेक्स्ट बिलियन यूजर्स के डायरेक्टर सुरेन रूहेला ने कहा, ‘गूगल मैप्स को लेकर हमारा मकसद हमेशा से लोकेशन से जुड़ी जानकारियों को व्यवस्थित करना रहा है. हम भारतीय यूजर्स के लिए इसे लगातार आसान बनाते जा रहे हैं.’ रूहेला ने आगे कहा, ‘भारत में किसी के घर का पता ढूंढना अमूमन मुश्किल होता है, खासकर उनका जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं. हम इन सभी दिक्कतों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’

‘प्लस कोड’ कैसे जेनरेट होता है

किसी स्थान का प्लस कोड जेनरेट करने के लिए आपको किसी विशिष्ट स्थान को गूगल मैप्स पर ज़ूम करना होगा. इसके बाद उस स्थान पर पिन ड्रॉप करें और फिर उस पिन पर टैप करते ही आपको उस विशेष स्थान का ‘प्लस कोड’ दिख जाएगा. किसी जगह या बिल्डिंग का प्लस कोड कोई भी यूजर अपने आप मैन्युअली नहीं बना सकता, सभी कोड गूगल द्वारा ही जेनरेट किए जाएंगे.