विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुली चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने आरोप लगाए हैं कि मोदी सरकार धारा 370 और बांग्लादेशी घुसपैठियों से लेकर खेती-किसानी के मोर्चे तक जनता से किए गए वादे पूरे करने में विफल रही है. उन्होंने लिखा है, ‘सत्ता मिलने के साथ आप ने हम से और मूल विचारधारा से ही दूरी बना ली.’ प्रवीण तोगड़िया ने तमाम मु्ददों पर बातचीत करने के लिए प्रधानमंत्री से वक्त भी मांगा है.

अपनी चिट्ठी में प्रवीण तोगड़िया ने यह आरोप भी लगाया है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी फैली है. उन्होंने गोरक्षकों को गुंडा कहने के लिए भी नरेंद्र मोदी की आलोचना की है. प्रवीण तोगड़िया का कहना है कि बड़े-बड़े विज्ञापनों से व्यक्तिगत इमेज बन सकती है, लेकिन तीन साल बाद अब जनता तंग आ चुकी है. उनका कहना है कि 2002 के बाद से नरेंद्र मोदी ने उनसे दूरी बना ली. चिट्ठी में उन्होंने लिखा है, ‘मित्रता और मोटा भाई के नाते हमारी अनेक विषयों पर खुलकर चर्चाएं होती थीं, एक दूसरे के साथ, एक दूसरे के लिए खड़े रहे थे, जो 2002 से कम होते गया जब हजारों हिन्दू गुजरात में जेल भेजे गए और 300 के करीबन हिन्दू गुजरात पुलिस को गोलियों से मारे गए.’

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया कुछ दिन पहले भी सुर्ख़ियों में थे. सात मार्च को गुजरात में सूरत के नज़दीक राष्ट्रीय राजमार्ग-8 पर उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी. इसके बाद उन्होंने कहा था कि यह उनकी हत्या की साजिश हो सकती है. इससे पहले जनवरी में तोगड़िया अहमदाबाद स्थित विहिप कार्यालय से अचानक लापता हो गए थे. फिर एक दिन बाद ही वे शहर के ही एक अन्य इलाके से अचेत अवस्था में मिले. उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के दौरान ही उन्होंने रोते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मुठभेड़ में मार गिराने की साज़िश की जा रही है. बाद में उन्होंने सीधे तौर पर इस साज़िश का आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही जड़ दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजनीतिक बॉस के इशारे पर क्राइम ब्रांच उनके खिलाफ साजिश कर रही है.