केंद्र सरकार ने शहरी सड़कों पर कारों, मालवाहक गाड़ियों और दुपहिया वाहनों की गति सीमा बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वाहनों की चार श्रेणियों के लिए अधिकतम सीमा तय कर दी. अब इन सड़कों पर 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कार चलाई जा सकती है. मालवाहकों के लिए 60 और दुपहिया वाहनों के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तय की गई है. हालांकि राज्य सरकारें या स्थानीय प्राधिकरण अन्य लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इन श्रेणियों में बदलाव कर सकते हैं. फिलहाल स्थानीय प्राधिकरणों ने शहरी सड़कों पर वाहनों के लिए 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति तय की हुई है.

मुख्य सचिव (परिवहन) अभय दामले के नेतृत्व वाली एक समिति ने एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति बढ़ाने और हाइवे पर बसों की गति तय करने के लिए सुझाव दिए थे. इसके मुताबिक अगर किसी वाहन की गति तय की गई अधिकतम सीमा के अंदर है तो चालक पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

शहरी सड़कों पर वाहनों की गति बढ़ाने का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में इसे कम करने की मांग बढ़ती जा रही है. भारत में सड़क हादसों में होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजह वाहनों की तेज गति है. साल 2016 में 74,000 लोगों की जान तेज गति से चल रहे वाहनों ने ले ली थी. सड़कों पर कैमरों की कमी और पुलिस का रवैया भी ऐसे हादसों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है.