फिनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देश है. इस मामले में नॉर्वे दूसरे और डेनमार्क तीसरे स्थान पर हैं. यह बात संयुक्‍त राष्‍ट्र (यूएन) की वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट-2018 में कही गई है. बुधवार को जारी इस रिपोर्ट में भारत को 133वां स्‍थान मिला है जबकि 156 देशों की सूची में बुरुंडी सबसे आखिर में है. खुशहाली के लिहाज से इस रिपोर्ट के 10 शीर्ष देशों में एशिया महाद्वीप का एक भी देश शामिल नहीं हो पाया है.

2017 की वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट में नॉर्वे पहले जबकि फिनलैंड पांचवें स्थान पर रहा था. लेकिन इस बार फिनलैंड बाजी मार ले गया. रिपोर्ट का एक दिलचस्प पहलू अमेरिका से भी संबंधित है. इसके मुताबिक बीते वर्षों में अमेरिकी लोगों की आय तो बढ़ी है, लेकिन वहां खुशहाली का स्तर कम हुआ है. 2017 में अमेरिका को जहां 14वां स्थान दिया गया था तो 2018 में खिसककर वह 18वें स्थान पर आ गया है.

वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट- 2018 से भारत को भी सीख सबक लेने की जरूरत है. रिपोर्ट कहती है कि खुशहाली का स्तर यहां भी गिरा है. साल 2017 में 122वें स्थान के मुकाबले 2018 में भारत 133वें स्थान पर पहुंच गया है. यही नहीं, इस मामले में वह अपने पड़ोसियों में सिर्फ अफगानिस्तान से ही आगे है. भारत से कहीं अधिक खुशहाल पाकिस्तान है. उसे इस सूची में 75वां स्थान मिला है. उधर, चीन 86वें तो भूटान 97वें स्थान पर है. खुशहाल देशों में नेपाल 101वें और बांग्‍लादेश 115वें स्थान पर है. श्रीलंका ने 116वें जबकि म्‍यांमार ने 130वें पायदान पर जगह बनाई है.

वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट को यूएन की संस्‍था सस्‍टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्‍यूशंस नेटवर्क तैयार करती है. इसे 2012 से हर साल प्रकाशित किया रहा है. इस रिपोर्ट को बनाने के लिए हर देश को वहां के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), सामाजिक सहयोग, उदारता, भ्रष्‍टाचार के स्तर, सामाजिक स्‍वतंत्रता और स्वास्थ्य जैसे अनेक मानकों पर परखा जाता है.