तेजस लड़ाकू विमान को लेकर आलोचनात्मक रुख दिखाती रही भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 324 तेजस विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की सहमति दे दी है. आईएएफ ने तेजी से घटते अपने दस्तों के मद्देनजर यह फैसला किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि फिलहाल आईएएफ 123 तेजस विमानों को शामिल करने को लेकर प्रतिबद्ध है. उनके मुताबिक आईएएफ चाहती है कि बाकी 201 तेजस मार्क-II विमान बिलकुल नए हों जिनकी रडार और हथियार ले जाने और इंजन की क्षमता पहले के विमानों से बेहतर हो.

तेजस को शामिल करने के फैसले को लेकर एक सूत्र ने बताया, ‘तेजस मार्क-II अभी भी बनने की अवस्था में है. लेकिन अगर डीआरडीओ, एयरोनॉटिकल डेवलेपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड इसे समय पर पूरा कर देते हैं तो आईएएफ इसके 18 दस्ते (एक दस्ते में 18 विमान होते हैं) बनाने पर सहमत है.’ रिपोर्ट के मुताबिक साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बैठक की अध्यक्षता की थी.

आईएएफ में फिलहाल 31 दस्ते हैं, जबकि चीन और पाकिस्तान के खतरे के मद्देनजर उसे कम से कम 42 दस्तों की जरूरत है. हालांकि इसके लिए वह बड़ी संख्या में महंगे विदेशी विमान खरीदने के पक्ष में नहीं है. लेकिन उसकी मुश्किल यह है कि 35 साल बाद भी तेजस अपनी तरह के दूसरे विदेशी विमानों से काफी पीछे है. भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया था जिनकी कीमत लगभग 59,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है.