सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की निचली अदालत को जय शाह द्वारा न्यूज वेबसाइट द वायर के खिलाफ दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि के मामले की सुनवाई 12 अप्रैल तक रोकने का निर्देश दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इस मामले को खारिज करने की मांग करने वाली द वायर की याचिका पर गुरुवार को अदालत ने जय शाह और अन्य लोगों से दो हफ्ते में जवाब मांगा है. अब इस मामले की सुनवाई 12 अप्रैल को होगी. जय शाह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे हैं. उन्होंने बीते साल अक्टूबर में द वायर द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट को लेकर उसके खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था. इस रिपोर्ट में द वायर ने नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद जय शाह की कंपनी के टर्नओवर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर सवाल उठाया था.

रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने मीडिया में होने वाली गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग की भी आलोचना की. मीडिया की आजादी बाधित करने का विरोध करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा, ‘हमारी उम्मीद होती है कि मीडिया को जिम्मेदार, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को और ज्यादा जिम्मेदार होना चाहिए.’ इससे पहले जय शाह की तरफ से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एनके कौल ने कहा था कि जय शाह से जुड़ी द वायर की रिपोर्ट ‘मनगढ़ंत और अपमानजनक’ थी. वहीं, न्यूज वेबसाइट के पैरवीकार कपिल सिब्बल ने कहा था कि द वायर ने अपनी रिपोर्ट में जय शाह से केवल सवाल पूछे थे. उन्होंने आगे कहा था, ‘जिस तरह से पत्रकारिता को दबाया जा रहा है, उससे तो कोई पत्रकार सवाल ही नहीं पूछ सकता है.’

द वायर ने मानहानि के इस मामले के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट में भी याचिका लगाई थी. लेकिन हाई कोर्ट ने उसकी रिपोर्ट को पहली नजर में अपमानजनक मानते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया था.