ओमेर्टा के बारे में बताते हुए निर्देशक हंसल मेहता कहते हैं कि यह एक बिना नायक वाली फिल्म है जिसका मुख्य किरदार एक बुरा आदमी है. मेहता इसे आतंकवाद की ब्रीफ हिस्ट्री बताते हैं और इस बात का भरोसा दिलाते हैं कि उनकी फिल्म किसी भी तरह से आतंकवाद या जिहाद का महिमामंडन नहीं करती है. ओमेर्टा ब्रिटिश आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख की जिंदगी पर आधारित है. शेख एक वक्त पर जैश-ए-मुहम्मद, अलकायदा, तालिबान जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों के लिए काम कर चुका है. बीते तीन दशकों में घटी सबसे बड़ी आतंकी घटनाओं में उसका नाम शामिल रहा है.

एक समय उमर शेख भारतीय जेल में बंद था और उसे इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी-814 के यात्रियों के बदले 1999 में छोड़ दिया गया था. तब भारतीय विदेश मंत्री जसवंत सिंह खुद उसे कांधार छोड़ कर आये थे. 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर डेनियल पर्ल की हत्या के अपराध में उसे पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. इस वक्त वह कराची जेल में बंद है.

ओमेर्टा के ट्रेलर की बात करें तो यह मिलिटेंट्स की ट्रेनिंग, प्लानिंग और हमले को अंजाम देने तक की प्रक्रिया की फटाफट झलक दिखाता है. तेजी से भागते दृश्यों के बीच ट्रेलर में हमें अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए (9/11) हमले, मुंबई हमले और अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की किडनैपिंग जैसी घटनाएं देखने को मिलती हैं. कुल मिलाकर यह फिल्म दुनिया की सबसे दुखद और दहला देने वाली आतंकी घटनाओं की उस छोर की कहानी हमें दिखा सकती है, ऐसा ट्रेलर कहता है.

मुख्य भूमिका निभा रहे राजकुमार राव की बात करें तो बढ़ी हुई दाढ़ी और चश्मे के पीछे छिपकर वे बिल्कुल असली उमर शेख की तरह दिखते हैं. ट्रेलर में वे एकाध संवाद ही बोलते हैं जिनसे पता चलता है कि उनका बोलने का तरीका निपट राजकुमार राव वाला ही है. यहां पर उनके एक्सप्रेशन्स और बॉडी लैंग्वेज बता देते हैं कि वे हर बार की तरह इस बार भी कमाल का अभिनय ही करने वाले हैं. इसके लिए उन्होंने बहुत तैयारी भी की है, इसका पता भी ट्रेलर से चल जाता है. राजकुमार के अभिनय के अलावा शूटिंग लोकेशंस और उस पीरियड को दिखाने में बरती गई सावधानी भी ये बताते हैं कि यह फिल्म पूरी गंभीरता के साथ रिसर्च करके बनाई गई है.

हंसल मेहता की यह फिल्म टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और मामी फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी है. वहां इसने कई सम्मान और ढेर सारी तारीफें बटोरी थीं. भारतीय दर्शकों को यह कितनी पसंद आएगी इसका पता 20 अप्रैल को फिल्म रिलीज होने के साथ ही चलेगा.

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