पाकिस्तान ने दिल्ली में अपने राजनयिक स्टाफ को परेशान किए जाने की कथित घटनाओं पर चर्चा करने के लिए उच्चायुक्त सोहेल महमूद को इस्लामाबाद बुलाया है. खबरों के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तानी राजनयिकों, उनके परिवारों और कर्मचारियों को धमकाने की घटनाओं पर ध्यान देने में विफल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि इसी पर चर्चा करने के लिए भारत से अपने उच्चायुक्त को इस्लामाबाद बुलाया गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे सामान्य कदम बताया है.

भारत स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने 13 मार्च को एक वीडियो जारी किया था, जिसमें एक सुस्त रफ्तार कार उसके एक राजनयिक की गाड़ी का रास्ता रोकते दिखाई दे रही थी. पाकिस्तानी उच्चायोग ने इसके पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों का हाथ होने का आरोप लगाया था. यही नहीं, उसने बीते हफ्ते भारतीय विदेश मंत्रालय को इस बारे में चार पत्र भी भेजे थे. इनमें पाकिस्तानी राजनयिकों, उनके परिजनों और उच्चायोग में काम करने वाली भारतीय श्रमिकों को परेशान करने के 18 मामलों का जिक्र किया गया था. वहीं, बुधवार को पाकिस्तानी उच्चायुक्त सोहेल महमूद ने कहा कि ‘मौजूदा नजरिया और तरीका’ दोनों देशों के संबंधों को सुधारने के राजनयिक प्रयासों के खिलाफ जाता है और मौजूदा माहौल में इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है.

उधर, भारतीय अधिकारियों ने भी पाकिस्तान में अपने राजनयिकों को परेशान किए जाने का दावा किया है. खबरों के मुताबिक 16 फरवरी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के लिए निर्माणाधीन आवासीय परिसर में छापा मारा था और कथित तौर पर बिजली व पानी के कनेक्शन को काट दिया था. इसके अलावा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया की गाड़ी को व्यस्त सड़क पर रोकने का भी मामला सामने आया था.