आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्ज को लेकर तेलुगु देसम पार्टी (टीडीपी) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने का फैसला कर सकती है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इस पर फैसला करने के लिए टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को पार्टी के पोलित ब्यूरो की बैठक बुलाई है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी के ज्यादातर सांसद, विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता उन्हें एनडीए से अलग होने की सलाह पहले ही दे चुके हैं. यही नहीं, टीडीपी ने शुक्रवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी द्वारा संसद में लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का भी समर्थन करने का फैसला किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को दिल्ली में अपने सांसदों से भी बात की. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और अभिनेता के पवन कल्याण की पार्टी को उन्हें और टीडीपी को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. एन चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा कि राज्य की समस्याएं सुलझाने के बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश में तमिलनाडु जैसी रणनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसमें भाजपा ने एआईएडीएमके के ई पलानीसामी खेमे के खिलाफ ओ पन्नीरसेल्वम गुट का समर्थन किया था.

आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर टीडीपी के दो सांसद आठ मार्च को मोदी सरकार से इस्तीफा दे चुके हैं. हालांकि, केंद्र की मोदी सरकार उसकी मांग पर झुकने के लिए तैयार नहीं है. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली साफ कह चुके हैं कि आंध्र प्रदेश के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है, लेकिन उसे विशेष राज्य का दर्जा देना संभव नहीं है. उधर, टीडीपी और राज्य के अन्य दल इससे कम पर तैयार नहीं हैं.