रूस पर दबाव बनाने की ब्रिटेन की कवायद में अब अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस भी उसके साथ आ गए हैं. गुरुवार को इन चारों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने एक असाधारण कदम उठाते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया. इसमें ब्रिटेन में प्रतिबंधित रासायनिक ज़हर के ज़रिये एक रूसी जासूस को मारने की कोशिश के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया गया है. इसे ब्रिटेन की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया है.

नर्व एजेंट कहे जाने वाले एक जहरीले रसायन के जरिये यह हमला चार मार्च को हुआ था. ब्रिटेन ने रूस को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए उससे जवाब मांगा था. लेकिन जवाब न मिलने पर उसने सख्त रुख अपना लिया. उसने रूस के 23 राजनयिकों को एक हफ्ते के भीतर देश छोड़ने को कहा. ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने बुधवार को यह भी कहा कि रूस के साथ सारे उच्चस्तरीय संपर्क फिलहाल खत्म किए जा रहे हैं. उधर, रूस ने इस मामले में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए ब्रिटेन को जैसे को तैसा जवाब देने की बात कही है