आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने की खबर आज के अधिकतर अखबारों के पहले पन्ने पर है. पार्टी ने केंद्र से समर्थन वापस लेने के मुद्दे पर शुक्रवार को पोलित ब्यूरो की बैठक बुलाई थी. इसमें सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया. इसके अलावा केंद्र सरकार ने प्रस्तावित सेतुसमुद्रम नहर परियोजना के लिए राम सेतु से कोई छेड़छाड़ न किए जाने का आश्वासन दिया है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सौंपे नए हलफनामे में सरकार ने कहा है कि इसके लिए वैकल्पिक रास्ते की तलाश की जाएगी.

नीरव मोदी और विजय माल्या की संपत्ति किराए पर लगाने की तैयारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विजय माल्या और नीरव मोदी सहित दूसरे आर्थिक मामलों में भगोड़े लोगों की जब्त संपत्तियों को सरकारी भवन निर्माण कंपनी एनबीसीसी लिमिटेड के हवाले कर सकता है. इसके बाद एनबीसीसी इन्हें व्यावसायिक और आवासीय उद्देश्यों के लिए किराए पर देगी. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इस हफ्ते वित्त मंत्रालय की एक बैठक में यह फैसला लिया गया. बताया जाता है कि मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत जब्त संपत्तियों को किराए पर देने का कोई प्रावधान नहीं है. इसे देखते हुए इसमें प्राथमिकता के आधार पर संशोधन किए जाने की संभावना है.

सर्वशिक्षा अभियान भारी कटौती पर संसदीय स्थाई समिति ने चिंता जताई

स्कूली शिक्षा कार्यक्रम सर्वशिक्षा अभियान के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की कटौती पर संसद की स्थाई समिति ने चिंता जाहिर की है. हिंदुस्तान में छपी खबर के मुताबिक समिति ने इस कटौती की वजह से अभियान पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई है. बताया जाता है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सर्व शिक्षा अभियान के लिए 37,048 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पास भेजा था. लेकिन, बजट में इसके लिए 26,128 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. संसदीय समिति ने इसके अलावा साक्षर भारत अभियान और लड़कियों की माध्यमिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन योजना को लेकर भी बजट में कटौती को लेकर चिंता जाहिर की है.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार से भारत आने का निर्देश न देने की अपील की

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम से अपील की है कि वह रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार से भारत आने का निर्देश न दे. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक सरकार ने कहा है कि जिनके पास वैध यात्रा दस्तावेज होंगे, उन्हें ही प्रवेश की मंजूरी दी जाएगी. केंद्र ने इस शर्त को राष्ट्रहित में बताया है. केंद्र ने शीर्ष अदालत को सौंपे गए हलफनामे में यह भी कहा है कि देश घुसपैठियों की समस्या से जूझ रहा है. उसने इन घुसपैठियों को आतंकवाद के फैलने की एक वजह भी बताया है. उसने देश में रोहिंग्या मुसलमानों को पहचान पत्र देने की मांग को भी खारिज कर दिया है.

राष्ट्रगान में संशोधन को लेकर निजी विधेयक पेश

असम से कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने राष्ट्रगान में संशोधन को लेकर राज्य सभा में एक निजी विधेयक पेश किया है. द हिंदू में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस विधेयक में राष्ट्रगान में इस्तेमाल शब्द ‘सिंध’ की जगह उत्तर-पूर्व को जगह देने की बात कही गई है. रिपुन बोरा ने इसके पक्ष में आगे कहा है कि 1950 में राष्ट्रगान को लागू करते वक्त राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने साफ किया था कि आने वाले दिनों में जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव किए जा सकते हैं. कांग्रेसी सांसद ने आगे सवाल उठाया कि सिंध जो अब दुश्मन देश पाकिस्तान का हिस्सा है, उसकी तारीफ क्यों की जा रह है. बताया जाता है कि इस निजी विधेयक पर अगले हफ्ते संसद में चर्चा हो सकती है.