केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की रांची स्थित विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार मामले में फैसला एक बार फिर टाल दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अदालत अब 19 मार्च को फैसला सुनाएगी. अदालत पहले शुक्रवार को फैसला सुनाने वाली थी, लेकिन उसे शनिवार के लिए टाल दिया था. यह मामला दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. इसमें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित 31 लोग आरोपित हैं.

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अभी रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत देवघर कोषागार मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की, जबकि चाईबासा मामले में पांच साल की सजा सुना चुकी है. चाईबासा मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को भी पांच साल की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, इससे पहले देवघर कोषागार मामले में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था. चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले में अदालत लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा को पांच-पांच साल की सजा सुनाई जा चुकी है.

उधर, शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में बिहार के महालेखाकार कार्यालय के तीन अधिकारियों को भी आरोपित बनाया है. अदालत ने बिहार के पूर्व महालेखाकार पीके मुखोपाध्याय, पूर्व उप-महालेखाकार बीएन झा और लेखा कार्यालय के पूर्व वरिष्ठ महानिदेशक प्रमोद कुमार को समन जारी किया है. अदालत ने लालू प्रसाद यादव की याचिका पर यह कदम उठाया है. इसमें उन्होंने सवाल उठाया है कि इतने बड़े घोटाले के बावजूद लेखाकार कार्यालय के अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है?