सुप्रीम कोर्ट ने एसएससी पेपर लीक मामले में केंद्र से जवाब मांगा | सोमवार, 12 मार्च 2018

सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा का पेपर लीक के आरोपों की जांच कराने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शीर्ष अदालत ने इस बारे में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. यह मामला 17 फरवरी से 21 फरवरी के बीच आयोजित कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा का पेपर लीक होने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट इस पर 19 मार्च को सुनवाई करेगा.

प्रतियोगी छात्रों ने एसएससी द्वारा 21 फरवरी को आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने और बड़े पैमाने पर नकल होने का आरोप लगाया था. हालांकि, एसएससी ने तकनीकी वजह बताते हुए 21 फरवरी की परीक्षा को रद्द कर दिया था और नौ मार्च को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया था. लेकिन, प्रतियोगी छात्रों ने एसएससी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी जांच के लिए एसएससी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया था.

एसबीआई ने खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने में बड़ी कटौती की घोषणा की | मंगलवार, 13 मार्च 2018

बचत खातों में ​एवरेज मिनिमम बैलेंस यानी औसत न्यूनतम रकम न रख पाने वाले ग्राहकों से सभी बैंक जुर्माना वसूलते हैं. ऐसा करने वालों में स्टेट बैंक आॅफ इंडिया (एसबीआई) भी शामिल है. लेकिन मंगलवार को एसबीआई ने इस जुर्माने में 75 फीसदी तक की कटौती करने की घोषणा की है. इस फैसले से 25 करोड़ ग्राहकों को सीधा फायदा पहुंचेगा. संशोधित दरें अगले महीने की एक तारीख से लागू होंगी.

अभी महानगरों और शहरी इलाकों में एएमबी बरकरार न रखने वाले बचत खाता ग्राहकों से एसबीआई 50 रुपये प्रतिमाह का जुर्माना वसूलता है. इस पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अलग से लगता है. लेकिन अब अगले महीने से ऐसे ग्राहकों पर 15 रुपये प्रतिमाह का जुर्माना ही लगेगा. इसी तरह अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इसे 40 रुपये से घटाकर 12 और 10 रुपये किया गया है. एसबीआई के प्रबंध निदेशक पी के गुप्ता ने कहा है कि बैंक ने यह फैसला ग्राहकों से मिली फीडबैक के बाद किया है.

अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे पक्ष से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज किया | बुधवार, 14 मार्च 2018

सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद में तीसरे पक्ष से जुड़ी सभी हस्तक्षेप याचिकाओं को खारिज कर दिया है. वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक बुधवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने रजिस्ट्रार कार्यालय को निर्देश दिया कि वह अब इस मामले में कोई भी हस्तक्षेप याचिका स्वीकार न करे. इसके साथ ही अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अब केवल मूल पक्षकारों को ही जिरह करने की इजाजत दी जाएगी. इस मामले में अब अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की भी हस्तक्षेप याचिका को खारिज कर दिया है. हालांकि, अदालत ने सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका को दोबारा सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने अयोध्या में पूजा करने को अपना मौलिक अधिकार बताया था और इसे बहाल करने की मांग की थी. इससे पहले अयोध्या विवाद के मूल पक्षकारों और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अनुरोध किया था कि यह दीवानी मामला है, इसलिए दूसरे पक्षों को इसमें शामिल होने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.

पंजाब नेशनल बैंक में एक और घोटाला सामने आया | गुरूवार, 15 मार्च 2018

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में जालसाजी का एक और मामला सामने आया है. अंग्रेजी अखबार बिजनेसलाइन के मुताबिक यह मामला भी मुंबई की ब्रैडी हाउस शाखा से जुड़ा है जहां से अरबपति ज्वैलर्स नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों को लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (गारंटी पत्र) जारी किए गए थे. बैंकिंग जालसाजी का यह नया मामला चांदरी पेपर्स एंड अलाइड प्रोडक्ट्स नाम की कंपनी को नौ करोड़ रुपये के फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने से जुड़ा है. लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए संबंधित कंपनी को विदेश में भारतीय बैंकों की शाखाओं से पैसे निकालने की इजाजत दी जाती है, जिसे चुकाने की गारंटी जारीकर्ता बैंक की होती है.

रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चांदरी पेपर्स एंड अलाइड प्रोडक्ट्स और इसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि जांच एजेंसी ने इस मामले में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा के रिटायर अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टी और सिंगल-विंडो ऑपरेटर मनोज खारत को भी आरोपित बनाया है. ये लोग नीरव मोदी-मेहुल चोकसी मामले में पहले से ही सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं.

बड़ी-बड़ी कंपनियों के बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के हजारों बारीक कण मिले : रिपोर्ट | शुक्रवार, 16 मार्च 2018

भारत समेत दुनिया भर में प्लास्टिक की बोतलों में पानी बेचा जाता है. बोतलबंद पानी बेचने वाली सभी कंपनियां शुद्धता की गारंटी देती हैं. लेकिन एक अध्ययन के दौरान लिए गए बोतलबंद पानी के 90 प्रतिशत नमूनों (सैंपल) में प्लास्टिक के हजारों छोटे-छोटे टुकड़े (सूक्ष्म कण) पाए गए. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क द्वारा किए गए इस अध्ययन में नौ देशों में प्रचलित 11 अलग-अलग ब्रांडों की 259 बोतलों के पानी की जांच की गई थी. इन देशों में भारत ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया और अमेरिका शामिल हैं. भारत में मुंबई, दिल्ली और चेन्नई से बोतलबंद पानी के नमूने लिए गए थे.

अध्ययन के दौरान एक्वाफिना, एवियन और भारतीय ब्रांड बिसलरी के पानी का परीक्षण किया गया. अध्ययन करने वाली टीम द्वारा प्रकाशित किए डेटा के मुताबिक चेन्नई से लिए गए बिसलरी के नमूने में प्रति लीटर पानी में प्लास्टिक के 5,000 छोटे-छोटे कण पाए गए. ऐक्वा (इंडोनेशिया) के सैंपल में यह आंकड़ा 4713 जबकि ऐक्वाफिना (अमेरिका, भारत) में 1295 पाया गया. नेस्ले सहित कई दूसरी नामी कंपनियों के पानी में भी इसी तरह की मिलावट मिली. जानकारों के मुताबिक इस तरह की मिलावट से कैंसर का खतरा हो सकता है. (विस्तार से)

चारा घोटाला : दुमका कोषागार मामले में फैसला एक बार फिर टला | शनिवार, 17 मार्च 2018

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की रांची स्थित विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार मामले में फैसला एक बार फिर टाल दिया है. समाचार एजेंसी एएनआईके अनुसार अदालत अब 19 मार्च को फैसला सुनाएगी. अदालत पहले शुक्रवार को फैसला सुनाने वाली थी, लेकिन उसे शनिवार के लिए टाल दिया था. यह मामला दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. इसमें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित 31 लोग आरोपित हैं.

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अभी रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत देवघर कोषागार मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की, जबकि चाईबासा मामले में पांच साल की सजा सुना चुकी है. चाईबासा मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को भी पांच साल की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, इससे पहले देवघर कोषागार मामले में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था. चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले में अदालत लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा को पांच-पांच साल की सजा सुनाई जा चुकी है.