रूस के राष्ट्रपति चुनाव में व्लादिमीर पुतिन को बड़ी जीत हासिल हुई है. उन्हें इस बार 76.67 प्रतिशत से ज़्यादा वोट मिले हैं. वे चौथी बार देश की कमान संभाल रहे हैं. बताया जाता है कि यह पुतिन की अब तक की सबसे बड़ी जीत है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक क़रीब 99 फ़ीसदी मतों की गिनती हो जाने के बाद चुनाव आयोग ने पुतिन की जीत की घोषणा कर दी. इस बार पुतिन के करीबी प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार पॉवेल ग्रूदिनिन को लगभग 12 प्रतिशत वोट ही मिल सके. राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों में रूस की जानी-मानी टीवी एंकर सेनिया सॉबचक भी शामिल थीं. लेकिन वे केवल दो प्रतिशत वोट ही हासिल कर पाईं.

इससे पहले शुरुआती रुझान सामने आने के बाद मॉस्को में एक रैली को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि मतदाताओं ने उनके कामों पर मुहर लगा दी है. पुतिन के चुनावी अभियान से जुड़े लोगों ने इस जीत को बेमिसाल बताया है. उनके अभियान से जुड़े एक प्रवक्ता ने कहा कि इस जीत के बाद पुतिन के लिए भविष्य के फैसले लेना और आसान हो जाएगा. रूस में राष्‍ट्रपति का कार्यकाल पहले चार साल का होता था. साल 2012 में इसे छह साल का कर दिया गया था. यानी पुतिन अब 2024 तक रूस के राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे.

उधर, ब्रिटेन में एक पूर्व रूसी जासूस को रूस द्वारा जहर दिए जाने के दावे को पुतिन ने गलत बताया है. चुनाव परिणाम सामने आने के सामने आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने कहा, ‘यह बेहूदा और बकवास बात है. रूस चुनाव और फुटबॉल विश्व कप के समय ऐसा क्यों करेगा.’ इस मामले ने रूस और ब्रिटेन के बीच राजनयिक संकट खड़ा कर दिया है. हमले की खबर सामने आने के बाद ब्रिटेन ने 23 रूसी राजनयिकों को ब्रिटेन छोड़ने का आदेश दिया था. बदले में रूस ने भी 23 ब्रिटिश राजनयिकों को रूस से निकल जाने को कहा है.