केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ पहले अविश्वास प्रस्ताव पर सोमवार को लोक सभा में कोई चर्चा नहीं हुई. भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

ख़बरों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी रही टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) ने लोक सभा में मोदी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के दो नोटिस दिए हैं. जबकि आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने भी ऐसा ही एक नोटिस दिया है. इस बाबत संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, ‘सरकार इसके लिए तैयार है. सरकार के पास सांसदों की पर्याप्त संख्या है. ऐसे में यह अविश्वास प्रस्ताव टिकने वाला नहीं है.’

ग़ौरतलब है कि लोकसभा में मौजूदा सदस्यों की संख्या 539 है. इनमें भाजपा के 274 सदस्य हैं जो कि बहुमत से ज्यादा है. इसके अलावा उसे एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के अन्य घटक दलों का भी समर्थन है. हालांकि इस बीच शिव सेना ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर न तो विपक्ष का साथ देगी और न ही सरकार का समर्थन करेगी. लेकिन इसके बावज़ूद यह संभावना न के बराबर ही है कि सरकार को इस प्रस्ताव से कोई ख़तरा होगा.

यहां यह भी बताते चलें कि बजट सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च को शुरू हुआ था. लेकिन उसके बाद से ही लगातार हंगामे के कारण लोक सभा और राज्य सभा की कार्रवाई बाधित हो रही है. इसकी वजह से लोक सभा में सालाना बजट तक बिना चर्चा के पारित कर दिया गया. इसे देखते हुए यह भी पुख़्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता कि मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर लोक सभा में चर्चा हो भी पाएगी या नहीं.