दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें मानहानि के दो मामलों में बरी कर दिया है. ये मामले कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और भाजपा नेता नितिन गडकरी की तरफ से दायर किए गए थे. अदालत का यह फैसला सोमवार को अरविंद केजरीवाल द्वारा इन दोनों नेताओं से माफी मांगने के बाद आया. अपने माफीनामे में आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि उन्होंने इन नेताओं पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाए थे वो बेबुनियाद निकले. इसके बाद अरविंद केजरीवाल और नितिन गडकरी ने मानहानि का मामला वापस लेने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में साझा अर्जी लगाई थी. ऐसा ही कपिल सिब्बल ने भी किया था.

अरविंद केजरीवाल ने 2013 में नितिन गडकरी को ‘भारत के सबसे भ्रष्ट’ नेताओं की सूची में शामिल किया था. इसके बाद नितिन गडकरी ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था. उन्होंने तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल पर दूरसंचार कंपनी वोडाफोन के टैक्स की समीक्षा की मांग करने के पीछे हितों के टकराव का आरोप लगाया था. इस पर कपिल सिब्बल के बेटे ने उन पर मानहानि का मुकदमा कर दिया था.

बीते हफ्ते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांग ली थी. उन्होंने पंजाब चुनाव के समय बिक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग तस्करी में लिप्त होने का आरोप लगाया था. अरविंद केजरीवाल के इस माफीनामे के बाद आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट और पार्टी के अन्य नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है. उधर, एनडीटीवी के मुताबिक पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को हतोत्साहित करने के लिए उन पर दिल्ली और दूसरे राज्यों में दर्जनों मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जो संसाधनों की कमी से जूझ रही पार्टी के लिए बोझ हैं.